ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 2013 को हुई सहारनपुर निवासी संजीव उर्फ बंटी की हत्या के मामले में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में आशु उर्फ रणजय पुत्र रामकुमार निवासी नगरिया, थाना पुवाया, जिला शाहजहांपुरा, यूपी, वाशु पुत्र दिनेश चंद भट्ट निवासी सेवाकयां, थाना चंपावत दोनों हाल निवासी विरला फार्म, हरिपुरकलां और गौरव पुत्र ब्रह्मपाल निवासी बिघोंली, थाना नारायण गढ़, जिला अंबाला, हरियाणा शामिल हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी रिजवान 2013 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुका है। कोर्ट ने दोषी वाशु और आशु पर 20-20 हजार व गौरव पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
रायवाला पुलिस के मुताबिक हरिपुरकलां में मोबाइल की दुकान चलाने वाले संजीव उर्फ बंटी (28) पुत्र प्रेम सिंह निवासी ग्राम मनोहरा, थाना तितारो, सहारनपुर, यूपी बीते 16 अगस्त 2013 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। इसके बाद 20 अगस्त 2013 को संजीव के भाई प्रेम सिंह ने तहरीर देकर रायवाला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 31 नवंबर 2013 को संजीव का कंकाल गौहरी रेंज के जंगल में मिला था। परिजनों ने संजीव के हाथ की अंगूठी से उसकी पहचान की थी। शक के आधार पर पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिनमें गौरव, आशु व वासु ने हत्या करना कबूल किया था।
रंजिशन हुई थी संजीव की हत्या
हरिपुरकलां में संजीव उर्फ बंटी पार्टनरशिप में एक व्यक्ति के साथ मोबाइल की दुकान चलाता था। वहीं आरोपी रिजवान की पार्टनरशिप में नाई की दुकान थी। रिजवान का पार्टनर के साथ झगड़ा हो गया था। संजीव ने दोनों के बीच समझौता करवाया था। रिजवान लेनदेन को लेकर संजीव के साथ रंजिश रखने लगा। आरोपी ने संजीव की हत्या करने की योजना बनाई और दोस्त गौरव, आशु और वाशु को साथ लिया। चारों आरोपी संजीव को 16 अगस्त 2013 को जन्मदिन की पार्टी के बहाने बीन नदी किनारे ले गए थे। इसके बाद जंगल में ले जाकर उसकी पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने जब कॉल डिटेल खंगालनी शुरू की तो उसमें रिजवान का नाम भी सामने आया, जिसे पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया। इसी दौरान रिजवान ने आत्महत्या कर ली थी।