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स्वास्थ्य महानिदेशालय में चार से धरना देंगे फार्मासिस्ट

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बाद अब डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने आंदोलन का रुख अख्तियार किया है। उत्तराखंड डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में ढांचे के पुनर्गठन, पोस्टमार्टम भत्ता समेत कई मांगों के लिए चार जून से स्वास्थ्य महानिदेशालय में धरना देने और 16 जून से आमरण अनशन का निर्णय लिया गया।
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उत्तराखंड डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह पवार ने कहा कि आंदोलन दो चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण में चार से लेकर छह जून तक तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन होगा। इसके तहत संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों, मंडल पदाधिकारी और प्रत्येक जिले से पांच-पांच सदस्य स्वास्थ्य महानिदेशालय में तीन दिवसीय धरना देंगे। दूसरे चरण में 11 से 16 जून तक स्वास्थ्य महानिदेशालय में क्रमिक अनशन किया जाएगा। इसके तहत 11 जून को हरिद्वार और चंपावत, 12 को उत्तरकाशी और बागेश्वर, 13 को उधमसिंहनगर और चमोली, 14 को अल्मोड़ा और टिहरी, 15 को नैनीताल और रुद्रप्रयाग और 16 को पौड़ी व पिथौरागढ़ के फार्मासिस्ट अनशन में शामिल होंगे। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह पवार ने कहा कि इसके बावजूद सरकार ने मांगें नहीं स्वीकार कीं तो 16 जून से ही आमरण-अनशन शुरू कर दिया जाएगा। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुधा कुकरेती ने सत्र 2018-19 में स्थानांतरण के निर्धारित प्रावधानों के अनुपालन न करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा विभाग में तैनात मुख्य व प्रभारी अधिकारी फार्मेसी के पदों पर जल्द से जल्द डीपीसी के संबंध में जल्द अंतिम निर्णय लेने की मांग की है। दूसरी ओर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल नवनियुक्त सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता से मिला और प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप सिंह पवार, संघ संस्थापक बीएस पयाल, बीएस कलूरा प्रांतीय संरक्षक, जिला अध्यक्ष सुधा कुकरेती, पीसी जगूड़ी, बीसी जोशी, ओपी मौर्य, एमसी रमोला, मुकेश नौटियाल, चंद्रमोहन राय समेत कई पदाधिकारी शामिल रहे।
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