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चंद्रोटी में नाला पाटकर तैयार हो रहा मैदान

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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सहसपुर ब्लॉक के चंद्रोटी में नाला पाटकर ग्राम पंचायत की भूमि पर मैदान बनाने का मामला चर्चा में है। चंद्रोटी में ग्राम पंचायत की करोड़ों रुपये की भूमि बंजर पड़ी है। इसको लेकर कुछ लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर बंदरबांट का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर दी। इसके बाद से सरकारी जमीन खुर्दबुर्द करने के आरोप से खलबली मची है। हालांकि, ग्राम प्रधान मैदान बनाने का प्रस्ताव पारित होने की बात कह रहे हैं।
चंद्रोटी ग्राम पंचायत की आबादी घाटी में बसी है। ग्राम पंचायत में 70 से अधिक परिवार रहते हैं। गांव में मैदान बनाने के लिए दो घाटियों के बीच एक स्थान पर समतलीकरण किया गया है। समतलीकरण के लिए सैकड़ों ट्रक मिट्टी डाली गई है। मैदान को चौड़ा करने के लिए दोनों घाटी की जमीन को जेसीबी से काटा गया है। मैदान के नीचे से नाले के पानी की निकासी के लिए पाइप डाले गए हैं। समतलीकरण के बाद करीब ढाई बीघा का मैदान तैयार हो गया है। इसी को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने ही ग्राम पंचायत पर सरकारी भूमि पर कब्जा कर बंदरबांट का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर फोटो व पोस्ट वायरल कर दी। पोस्ट के अनुसार ग्राम पंचायत की करीब 20 बीघा से अधिक भूमि नाले के आसपास बंजर पड़ी है। इसी भूमि को खुर्दबुर्द कर बंदरबांट किया जा रहा है। इसके अलावा बारिश में नाले के पानी से घाटी के दोनों तरफ की सड़क और मैदान के कटाव की बात कही गई है। मामला तूल पकड़ने पर प्रशासन ने भूमि का रिकार्ड तलब किया है। वहीं सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत की खुली बैठक और भूमि प्रबंधक समिति की बैठक में खसरा नंबर 245 में 0.1420 हेक्टेयर बंजर भूमि पर बच्चों के खेलने और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए मैदान बनाने का प्रस्ताव पारित है। इसके बाद मैदान तैयार किया जा रहा है।
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ग्राम पंचायत सार्वजनिक हित में बंजर भूमि का समतलीकरण कर मैदान बना रही है। पंचायत से करीब ढाई लाख रुपये और जन सहयोग से डेढ़ लाख रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं। मैदान बनाने का प्रस्ताव पंचायत से पारित होने के बाद जिला प्रशासन को भेजा गया था। प्रशासन की आख्या पर वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना भी किया। समतलीकरण कार्य में पेड़ नहीं आने की रिपोर्ट के बाद ही मैदान का निर्माण शुरू किया गया।
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-राकेश ठाकुर, ग्राम प्रधान
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गांव में बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान नहीं है। शादी-ब्याह और दूसरे सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी परेशानी होती है। ग्राम पंचायत की रायशुमारी के बाद बंजर भूमि पर मैदान का निर्माण हो रहा है।
-मोहन सिंह, बुजुर्ग ग्रामीण
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मैदान तैयार होने पर सार्वजनिक हित में काम आएगा। मैदान में आयोजन पर ग्राम पंचायत कोई शुल्क नहीं लेगी।
-अमन वर्मा, वार्ड सदस्य
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