ब्यूरो/ अमर उजाला, ऋषिकेश
प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रजनीकांत अपनी आध्यात्मिक यात्रा के तहत मंगलवार को तीर्थनगरी स्थित दयानंद आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती समाधि मंदिर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि वह आध्यात्मिक उन्नयन के लिए अक्सर इस तरह की यात्रा करते हैं, जिससे उन्हें शक्ति मिलती है। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। कहा कि वह अभी फुल टाइम राजनीतिज्ञ नहीं बने हैं।
मंगलवार दोपहर बाद फिल्म अभिनेता रजनीकांत मुनिकीरेती के दयानंद नगर शीशमझाड़ी स्थित अपने आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती के आश्रम पहुंचे। उन्होंने आश्रम में स्वामी दयानंद सरस्वती समाधि मंदिर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने किसी तरह की राजनीतिक बयानबाजी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि अक्सर तीर्थनगरी में आध्यात्मिक उन्नति व गंगा दर्शन के लिए अपने गुरु के स्थान पर आते रहते हैं। तीर्थनगरी आकर यहां की आबोहवा, शांत वातावरण व गंगा के दर्शन से उन्हें काफी सुकून मिलता है। हाल ही में तमिलनाडु के जंगल में हुए भीषण अग्निकांड के बाबत पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के बाद प्रशासन कोई न कोई बहाना ढूंढता है, जिससे वह अपना पल्ला झाड़ सके। कहा कि वास्तव में यह बहुत दुखद घटना है और वहां की सरकार को इसकी जांच करा जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। आश्रम के महाप्रबंधक गुणानंद रयाल ने बताया कि फिल्म अभिनेता आश्रम में तीन दिन तक रहेंगे। इस दौरान आश्रमाध्यक्ष स्वामी सुधानंद महाराज, स्वामी शांतात्मानंद, परमानंद स्वामी, परिपुष्टानंद, ब्रह्मचारी नीरज आदि मौजूद रहे।
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प्रशंसकों के साथ खिंचवाए फोटो
आश्रम में पहुंचने पर फिल्म अभिनेता रजनीकांत ने वहां मौजूद अनुयायियों व तीर्थयात्रियों को निराश नहीं किया। लोगों के आग्रह पर उन्होंने उनके साथ फोटो खिंचवाए। इस दौरान उन्होंने लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन भी किया।
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झुककर छुए आश्रमाध्यक्ष के पैर
आश्रम पहुंचने पर रजनीकांत ने वहां मौजूद आश्रमाध्यक्ष स्वामी सुधानंद महाराज को झुककर प्रणाम किया और उनके पैर छुए। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले गुरुदेव समाधि मंदिर के दर्शन किए और पूजा अर्चना की।