ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
आम बजट से शिक्षा जगत को भी खास उम्मीदें हैं। इसमें सबसे अहम है आयकर सीमा में राहत की। वित्त मंत्री अरुण जेटली से हम कॉलेज प्रोफेसर एवं शिक्षक आयकर स्लैब में छूट और पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की आस लगाए बैठे हैं।
इस बार बजट से सबसे बड़ी उम्मीद आयकर सीमा में छूट की है। बढ़ती महंगाई के बीच आयकर से राहत मिलना बेहद जरूरी है। जब आयकर छूट की सीमा बढ़ेगी, तभी कुछ राहत मिलेगी। इसके अलावा सरकार को पेट्रोल-डीजल की महंगाई पर भी फोकस करना चाहिए। आए दिन कंपनियां मनमानी करते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। इसका असर आम जरूरत की चीजों पर भी पड़ रहा है। सरकार को आम बजट में तेल के दाम कम करने पर फोकस करना चाहिए। इसके अलावा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए बजट बढ़ाने की जरूरत है। मसलन, उच्च शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने के लिए नई लैब, तकनीकी सुधार के लिए बजट का प्रावधान होना चाहिए। पूर्व के बजट में जो प्रावधान किए गए थे और अधूरे रह गए हैं, उन्हें इस बजट में पूरा करने की प्रतिबद्धता होनी चाहिए। हमारे युवा ही देश का भविष्य हैं। लिहाजा उद्यमिता विकास को अब कॉलेजों तक पहुंचाने का समय आ गया है। इसके लिए भी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को अलग से बजट जारी करने की जरूरत है।
-(डॉ.डीके त्यागी, डॉ.एआर सेमवाल, डॉ.वीके गुप्ता, डॉ.एसवी त्यागी, डॉ.वीके पंकज)