झुग्गी और झोपड़ी में रहने वाले बच्चों का भविष्य संवारने के लिए तीन युवाओं ने बेड़ा उठाया है। इसके लिए यह युवा किसी की कोई मदद नहीं ले रहे हैं। बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ यह तीनों अपनी भी पढ़ाई कर रहे हैं। रुड़की और भगवानपुर आदि क्षेत्रों में गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए ये युवा अब तक 11 सेंटर संचालित कर चुके हैं।
शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, इसके बाद भी गरीब बच्चों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। गरीब बच्चों के शिक्षा के सपने को तीन युवा पूरा करने के प्रयास में लगे हैं वह भी बिना किसी सरकारी मदद के। सुभाष नगर निवासी आदित्य एवं शानू शर्मा और कृष्णानगर निवासी स्वाति सैनी। शानू शर्मा और स्वाति सैनी बीएसएम पीजी कालेज से बीकॉम कर रही हैं। जबकि आदित्य पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। यह तीनों मिलकर झुग्गी झोपड़ियों में रहे गरीब बच्चों को पब्लिक स्कूल की तर्ज पर पढ़ा रहे हैं। यह कार्य वह पिछले छह माह से कर रहे हैं।