मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 30 सितंबर तक यह आकलन करने का निर्देश अफसरों को दिया था। इसके बाद हुई राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में यह रिपोर्ट प्रस्तुत भी कर दी गई थी। अब शासन ने हाल में बारिश से हुए नुकसान का आकलन भी इस रिपोर्ट में जोड़ने का फैसला किया है।
वित्त एवं आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों से सात अक्तूबर तक नुकसान का पूरा आकलन प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह तय किया गया है कि 15 अक्तूबर तक यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक अभी तक आपदा से हुए नुकसान को जो आकलन सामने आया है, उसके अनुसार करीब 300 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि इसमें से 121 करोड़ रुपये के नुकसान में क्षतिपूर्ति की व्यवस्था एसडीआरएफ के मानकों के तहत की जा सकती है। इससे अधिक के लिए राज्य सरकार को केंद्रीय मदद की जरूरत होगी।