उत्तराखंड में 30 हजार लोगों को रोजगार मिलने सकेगा, लेकिन उससे पहले ये का करने जरूरी होंगे।
उत्तराखंड में औद्योगिक निवेश के लिए दो लाख करोड़ की लागत के पौने तीन सौ प्रोजेक्ट के प्रस्ताव आए, लेकिन राज्य में क्रियान्वयन की प्रक्रिया धीमी होने से वित्तीय वर्ष 2016-17 तक एक लाख करोड़ से अधिक की 151 प्रस्तावों पर ही अमल हुआ।
अगर शत-प्रतिशत प्रस्तावों पर अमल होता तो इससे 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता। वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसोचैम) ने उत्तराखंड की ‘आर्थिक वृद्धि एवं निवेश विश्लेषण’ अध्ययन रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है।
एसोचैम ने सरकार को सुझाव दिया कि निवेश परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए राज्य स्तर पर मॉनीटरिंग कमेटी गठित की जाए। प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए एसोचैम ने सरकार को पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फोकस करने का सुझाव दिया।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने राजपुर रोड स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता में अध्ययन रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि राज्य में निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने की सख्त जरूरत है। वर्ष 2013-14 के बाद उत्तराखंड में समय पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कमी की दर काफी तेजी से घटी है।
वर्ष 2015-16 में यह दर 32 प्रतिशत थी, जो 2016-17 में बढ़कर 58 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई। सरकार को क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए अधिकारियों, मंत्रियों की मॉनीटरिंग कमेटी गठित करनी चाहिए। यह समिति निवेशकों को भूमि उपलब्ध कराने, पर्यावरण समेत उद्यमियों की परेशानियों और सुविधाएं देने की निगरानी करेगी।
बड़े उद्योग के बजाय छोटे व मध्यम उद्योग लगने से रोजगार की ज्यादा संभावना
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राज्य की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक क्षेत्र के योगदान में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। 2012 से 2017 की अवधि तक औद्योगिक विकास दर 58 प्रतिशत पर है। इसमें सालाना 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हासिल हुई है।
प्रदेश में बड़े उद्योग के बजाय छोटे व मध्यम उद्योग लगने से रोजगार की ज्यादा संभावना है। सेवा क्षेत्र में पिछले पांच सालों में सुधार हुआ है। वर्ष 2012 में 33.9 प्रतिशत बढ़ कर वर्ष 2017 तक 36.5 प्रतिशत तक पहुंची है। हर साल सेवा क्षेत्र में 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रोजगार की दृष्टि से बने पर्यटन नीति
एसोचैम ने सरकार को औद्योगिक, कृषि, पर्यटन, कौशल विकास व खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काम करने के लिए कई सुझाव दिए। पलायन रोकने व रोजगार की दृष्टि से पर्यटन नीति बनानी होगी।
रिजॉर्ट व अन्य पर्यटन गतिविधियों के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने को जमीन की लीज अवधि 50 साल के लिए होनी चाहिए। प्रदेश में चार क्षेत्रों को चिह्नित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।
जीएसटी पर पुनर्विचार करे केंद्र सरकार
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एसोचैम के महासचिव ने कहा कि जीएसटी को लेकर केंद्र सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि अभी तक जीएसटी को आधी-अधूरी तैयारियों के बीच ही लागू किया गया। इस कारण उद्यमियों व कारोबारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई औद्योगिक इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं।
राज्य में पंजीकरण मैन्युफैक्चरिंग फैक्टरी की विकास दर
इकाइयां 2010-11 2014-15 विकास दर प्रतिशत में
उद्योग 2739 2987 9.1
उद्योगों कार्यरत लोग 289957 374861 29.3
कुल राशि (लाख मेें) 2996017 4161647 38.9
लाभांश (लाख में) 2370811 3046643 28.5