नव प्रशिक्षित जवानों को संबोधित करते हुए केआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने कहा कि देश सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। जवानों ने सेना में आने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि देश की आन, बान और शान के लिए सर्वोच्च भी बलिदान करना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए।
परिजनों को भी प्रदान किए गौरव पदक
शपथ ग्रहण समारोह के बाद कमांडेंट ब्रिगेडियर नव प्रशिक्षित जवानों के परिजनों से मिले। उन्होंने कहा कि देश सेवा के उद्देश्य से अपने बच्चों को सेना में भेजकर परिजनों ने साहसिक निर्णय लिया है। उन्होंने परिजनों को भी देश का गौरव बताया। परिजनों को भी गौरव पदक से सम्मानित किया गया।
अव्वल रहे 12 रिक्रूटों को किया सम्मानित
प्रशिक्षण के दौरान अव्वल रहने वाले 12 रिक्रूटों को कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने सम्मानित किया। 34 हफ्ते की ट्रेनिंग में इन रिक्रूटों ने फायरिंग, ड्रिल, बीपीटी सहित तमाम गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन किया था। इधर, बच्चों को देश सेवा की शपथ लेता देख परिजनों की आंखें खुशी से छलक आईं।
138 कुमाऊंनी जांबाजों ने ली शपथ
शपथ ग्रहण समारोह में सबसे अधिक 138 कुमाऊंनी जांबाजों ने शपथ ली। इसके बाद 100 अहीर, दो नागा, छह गोरखा, 19 राजपूत, पांच जाट और छह ट्रेडमैन कास्ट के जांबाज शामिल रहे।