भ्रष्टाचार पर जनता की जागरूकता पड़ रही भारी
उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार एक साल में 27 सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए हैं। इससे पहले यह आंकड़ा सालाना नौ से 10 के बीच रहता था। रिश्वतखोरी के साथ आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी अधिकारियों पर कानूनी फंदा कसा है। यह आंकड़े बताते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता अब पहले से ज्यादा जागरूक हो गई है।
राज्य बनने के बाद से सरकारी तंत्र के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए विजिलेंस ब्यूरो सक्रिय है, लेकिन जनता के बीच इस एजेंसी को लेकर हमेशा विश्वास की कमी रही। तभी तो हर साल गिनी चुनी शिकायतों को छोड़कर विजिलेंस की भूमिका को प्रभावी नहीं बनाया जा सका।
पिछले साल जून माह में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती की बात कही तो विजिलेंस स्तर से जनमानस में पैठ बनाने के प्रयास शुरू हुए।