पिसी नूण बनाने के काम में आज यहां छह महिलाओं को भी रोजगार मिला हुआ है। पिसी नूण की बढ़ती मांग पर अब यहां 24 प्रकार के स्वाद का नमक महिलाएं तैयार कर रहीं हैं।
इसे खरीदने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों की भी भीड़ रहती है। गर्मी में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक भी सड़क किनारे रुककर पिसी नूण ले जाते हैं।
पिसी नूण बनाने के लिए काली मिर्च, लाल मिर्च, जीरा, अदरक, लहसुन, हींग, जीरा, तिल, भंगीरा, हरा धनिया, भूनी मिर्च, काला जीरा, अलसी, दैण, मिक्स मसाले का बारी-बारी से नमक पिसकर रोजाना पांच किलो नमक सिलबट्टे पर तैयार कर उसके छोटे-छोटे पैकेटों में भरकर इसकी पैकिंग की जाती है।
दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, पिथौरागढ़ सहित अन्य शहरों में भेजने के साथ अब इसकी मांग विदेशों में बढ़ने लगी है। सैलानी एक साथ आधा या एक किलो पिसा हुआ नमक ले जाते हैं।
अब पहाड़ी दाल के साथ मिलेगा मडुवे का आटा
दीपा खनायत ने बताया कि यहां पर काम सीख कर गए कई लोगों ने अपने शहरों में स्टॉल लगाए हैं। इस साल से हमारे केंद्र में पहाड़ी दालों के साथ मडुवे का आटा भी मिल सकेगा। बताया कि पिसी नूण के चलते ग्रामीण अब अधिक मसाले की खेती करने लगे हैं।