राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर ब्लॉक के प्राथमिक विधालय डैरिका में पेट के कीड़े मारने की दवाई खाने से 23 बच्चों की तबियत खराब हो गई। बीमार बच्चों को विद्यालय प्रशासन द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्तीकराया गया। हांलाकी चिकित्सक दवाई का साइड इफैक्ट बताकर इसे सामान्य घटना बता रहे है।
दरअसल राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में पेट के कीड़े मारने के लिए एल्मिंडाजोन दवाई बांटी गई थी। जिन्हें विद्यालय की शिक्षिका द्वारा स्कूली बच्चों को दिया गया था।
दवाई खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों को पेट दर्द एवं उल्टी दस्त होने लगा। देखते ही देखते शिवदयाल, कृष्णा, सुलोचना, राधिका, नेहा सहित कक्षा एक से पांचवी तक के 23 बच्चे बीमार हो गए। जिसके बाद विद्यालय की शिक्षिका संगीता रावत ने आनन फानन में उन्हें स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया।
प्रभारी चिकित्साधिकारी रमेश आर्य का कहना है कि ये कोई गंभीर मामला नहीं है। पेट में कीड़ों की मात्रा अधिक हो जाने पर ये समस्याएँ हो जाती है। ऐसे बच्चों में दवाई खाने के बाद उल्टी दस्त आदि की शिकायत हो जाती है।