ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
आयुष्मान योजना में निजी अस्पतालों का बीते एक अप्रैल से रेगुलर ऑडिट शुरू कर दिया गया है। आशंका है कि ऑडिट में काशीपुर के आस्था हास्पिटल की तरह कई अस्पतालों की कुंडली खुल सकती है। खामी पाए जाने पर इन अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि बेहतर कार्य करने वाले अस्पतालों को पुरस्कृत किए जाने पर भी विचार चल रहा है।
बता दें, आस्था हास्पिटल काशीपुर की करतूत को भी इसी ऑडिट में पकड़ा गया है। आरोप है कि आस्था हास्पिटल के मालिक डॉ. राजीव कुमार गुप्ता एक सरकारी अस्पताल में भी संविदा पर कार्यरत हैं। उन्होंने इस अस्पताल से मरीजों को अपने अस्पताल में रेफर किया। एक ही परिवार के कई लोेगों को एक साथ भर्ती दिखाकर आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाखों रुपये क्लेम के हड़पे। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के अध्यक्ष दिलीप कोटिया ने बताया कि इस अस्पताल की कुल नौ बिंदुओं पर जांच की गई है। इसमें ढेर सारी गड़बड़ियां मिली हैं। इस अस्पताल में दो पैकेज के भीतर ही 34 मरीजों का इलाज किया गया। आरोप यह भी है कि डॉ. गुप्ता ने एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की फर्जी मुहर बनाकर भी मरीजों को रेफर किया था। जबकि, इस स्वास्थ्य केंद्र में कोई चिकित्सक तैनात ही नहीं है।
अभिकरण के अध्यक्ष कोटिया ने बताया कि इस ऑडिट में प्रदेश के सभी अस्पतालों का लेखा जोखा देखा जा रहा है। अस्पतालों ने जो घोषणाएं सूचीबद्ध होने के साथ की थी उनकी भी इस ऑडिट में पड़ताल की जा रही है। बीते एक अप्रैल से शुरू हुए ऑडिट में कई अस्पतालों की जांच चल रही है और कई अभी की जानी है। अब योजना यह भी है कि जब क्लेम के पैसे में देर नहीं की जा रही है तो क्यों न उनका क्लेम देने से पहले ही ऑडिट किया जाए? ताकि पूरे मामले में शुरुआत से लेकर आखिर तक पारदर्शिता बरती जा सके।
अस्पतालों को दी जाएगी स्टार रेटिंग
अभिकरण के अध्यक्ष दिलीप कोटिया ने बताया कि ऐसा नहीं है कि योजना में अस्पताल गड़बड़ी कर सकते हैं। रेगुलर ऑडिट के बाद उन अस्पतालों को स्टार रेटिंग दी जाएगी जो बेहतर काम कर रहे हैं। इसके लिए लाभार्थियों से भी फीडबैक लिया जाएगा। इसके आधार पर अस्पतालों को एक से लेकर पांच स्टार तक रेटिंग दी जाएगी।
काशीपुर की कई प्रयोगशालाओं पर भी कस सकता है शिकंजा
आस्था अस्पताल की गड़बड़ियां सामने आने के बाद अब पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं पर शिकंजा कसने की तैयारियां हो रही हैं। बताया जा रहा है कि आस्था अस्पताल में भर्ती होने से पहले कई प्रयोगशालाओं की की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थीं। प्रथमदृष्टया ये सब रिपोर्ट फर्जी पाई गई हैं। ऐसे में अब इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।