ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जिले में मतदान के दौरान 99 वीवीपैट जवाब दे गईं। वहीं ईवीएम की 34 बैलेट यूनिट और 39 कंट्रोल यूनिट भी खराबी के कारण बदलनी पड़ीं।
दरअसल बृहस्पतिवार को कुल 1797 मतदान केंद्रों के लिए कुल 442 वीवीपैट, 418 बैलेट और 406 कंट्रोल यूनिट को आरक्षित रखा गया था। इनमें से एक-एक सेट सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट और सहायक रिटर्निंग अफसरों के पास रखी गई थीं। जैसे ही सुबह छद्म मतदान (मॉक पोल) शुरू हुआ तो कंट्रोल रूम की घंटियां बजनी शुरू हो गईं। कई बूथों से ईवीएम और वीवीपैट खराब होने की सूचना पहुंचने लगीं। अधिकारियों के आदेशों के बाद सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों ने उन्हें दूसरी मशीनें उपलब्ध कराईं। मॉक पोल के दौरान 77 वीवीपैट खराब होने की सूचना मिली। इसके अलावा सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने के बाद जिले के कुल 22 बूथों से ईवीएम के कंट्रोल यूनिट और बैलेट मशीनों के खराब होने की सूचना मिली। अधिकारियों के आदेश पर इन मशीनों को बदल दिया गया।
मशीनों में खराबी से देरी से शुरू हुआ मतदान
मॉक पोल सुबह छह बजे से सात बजे तक किया गया। लिहाजा जिन स्थानों पर शुरुआत में ही मशीनें खराब हुईं वहां पर मॉक पोल की प्रक्रिया ही देरी से समाप्त हुई। इसके बाद वास्तविक मतदान भी देरी से शुरू हो सका। यदि औसत समय की बात करें तो जिला निर्वाचन विभाग के अनुसार सुबह साढ़े सात बजे ही सभी मतदान केंद्रों पर वास्तविक पोलिंग शुरू हो पाई। इस लिहाज से 77 बूथों में देरी के कारण ही मतदान का समय आधा घंटा खिसक गया।
ईवीएम लेने कंट्रोल रूम दौड़े अधिकारी
ईवीएम और वीवीपैट का एक-एक सेट सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट और सहायक रिटर्निंग अफसरों के पास मौजूद था। शुरुआत में अधिकारियों ने तत्काल ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध करा दी। इसके बाद रिजर्व मशीनें लेने के लिए कंट्रोल रूम की दौड़ लगानी पड़ी।