पदोन्नति मामले में शासन स्तर पर शुरू हुई जांच
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। वन निदेशालय में सांख्यिकी अधिकारियों के पदोन्नति मामले में शासन स्तर पर जांच शुरू हो गई है। प्रमुख वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष जयराज की ओर से विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक पर सवालिया निशान उठाने और पदोन्नति को लेकर आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद शासन स्तर से प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी इस मामले में कोई अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई विभागीय प्रोन्नति कमेटी की बैठक में अधिकारियों को पदोन्नति दी गई थी। इसमें अधिकारियों के बीच सहमति बनने के बाद दो अधिकारियों को पदोन्नति संबंधी आदेश भी जारी कर दिए गए और अधिकारियों ने विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया था, लेकिन प्रकरण ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब विदेश दौरे के बाद लौटे प्रमुख वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष जयराज ने विभागीय प्रोन्नति कमेटी की बैठक पर ही सवालिया निशान लगाते हुुए पदोन्नति को गलत करार दे दिया। इस संबंध मेें उन्होंने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को भी शिकायत दर्ज कराई। जिसमें अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह की मंशा पर सवाल उठाए गए।
मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने आपत्ति दर्ज कराते हुए लिखा कि विभागीय प्रोन्नति कमेटी में अपर मुख्य सचिव के अलावा कार्यवाहक प्रमुख वन संरक्षक व सांख्यिकी विभाग के एक अधिकारी को शामिल किया गया था, लेकिन जब वह विदेश दौरे पर थे तो उनकी गैरमौजूदगी में ही विभागीय प्रोन्नति कमेटी की बैठक कर अधिकारियों को पदोन्नति दे दी गई, यह नियम के विपरीत है। अब इस मामले में शासन स्तर से नए सिरे से जांच शुरू हो गई है। हालांकि शासन के अधिकारी विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में लिए गए फैसले को सही ठहरा रहे हैं। बहरहाल इस प्रकरण में शासन स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है यह देखने वाली बात होगी। दूसरी ओर इस संबंध में जब अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो पाया।