ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
आयुध निर्माणियों में कल 23 जनवरी से तीन दिनों तक ताला लटका रहेगा। इस दौरान देश के तमाम सुरक्षा संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। कर्मचारी यूनियन के श्रमिक नेताओं ने आर-पार की लड़ाई का आह्वान किया है।
कर्मचारी यूनियन के महामंत्री कलीम अहमद ने बताया कि पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर आंदोलन पहले भी हुए हैं, लेकिन हाल-फिलहाल जो विरोध और एकजुटता दिखाई दे रही है, वह इससे पहले कभी नजर नहीं आई। फेडरेशनों के प्रमुख नेताओं का कहना है कि कोर एवं नॉन कोर के नाम पर आयुध निर्माणियों को बंद करने की साजिश रची जा रही है। इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। इसके अलावा नई पेंशन को समाप्त करने समेत अन्य मांगों पर सरकार अनसुनी कर रही है।
हजारों कर्मचारियों के पास काम नहीं
कलीम अहमद के अनुसार केंद्र सरकार मेक इन इंडिया के नाम पर देशभर में 41 आयुध निर्माणियों समेत सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य संस्थानों में 100 फीसदी एफडीआई ला रही है। एकतरफा निर्णय लेते हुए 675 डिफेंस प्रोडक्ट्स में से 475 प्रोडक्ट्स को नॉन कोर घोषित कर निजी क्षेत्रों में देने का निर्णय लिया गया है। इसके चलते हजारों कर्मचारियों के पास काम नहीं रह गया है। सैकड़ों लघु उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं।
पेंशन में हो रहा पक्षपात
कलीम अहमद ने कहा कि सरकार पेंशन को लेकर पक्षपात कर रही है। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत करीब 70 फीसदी वर्दीधारी जवानों को जहां ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ दिया जा रहा है। वहीं, 30 प्रतिशत सिविलियन डिफेंस वर्कर को जबरदस्ती न्यू पेंशन स्कीम में ढकेला गया है। यह पूरी तरह से अव्यावहारिक है।