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दो दिन में मांगें पूरीं नहीं हुईं तो आंदोलन

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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उत्तराखंड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ ने पेयजल निगम प्रबंधन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को कर्मचारियों ने ‘मैं विगत दो माह से बिना वेतन और पेंशन के काम कर रहा हूं.. की पर्ची लगाकर कार्यालय में अनशन किया। पेयजल निगम कर्मचारियों ने दो दिन में मांगों के समर्थन में निर्णय ने होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। आंदोलन के बाबत 15 दिसंबर को होने वाली महासंघ की बैठक में रणनीति तय की जाएगी।
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मोहिनी रोड स्थित पेयजल निगम मुख्यालय में बृहस्पतिवार को शुरू हुए दो दिवसीय क्रमिक अनशन के पहले दिन महासंघ के अध्यक्ष प्रवीन सिंह रावत ने कहा कि निगम के साथ आठ मांगें पूरी करने समझौता हुआ किया था, लेकिन अभीतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीते दो महीने से वेतन और पेंशन न मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। ऐसे में दो दिन के क्रमिक अनशन के बाद भी मांगों पर निर्णय न होने पर 15 दिसंबर को बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। महासंघ के प्रांतीय महामंत्री विजय खाली ने आरोप लगाया कि गंभीर बीमारी व अनुरोध के बावजूद कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा पदोन्नतियों में भी देरी की जा रही है। महासंघ के सदस्य धमेंद्र चौधरी ने कहा कि तीन प्रधान सहायकों की पदन्नोति के लिए डीपीसी (विभागीय पदोन्नति कमेटी) होने के बाद भी आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं। लक्ष्मी सेठी और मीरा देवी ने बोनस स्वीकृत होने के बाद भी भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। क्रमिक अनशन में कमल कुमार, गौर सिंह फर्स्वाण, नवीन थापा, पंकज मार्तोलिया, हेमंत कुमार, गौरव बर्तवाल, रमेश पांडे, ललित बिष्ट, केके पांडे, डीपी डंगवाल, आरएस बिष्ट, डीसी गुसांई, यमुना प्रसाद, नवनीत नेगी, अनिरुद्ध कठैत, प्रदीप पुनेठा, अंकुर गोयल, अनिल अग्रवाल आदि शामिल रहे।
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