परिचालक ने वसूले 1500 रुपये, 290 की रसीद काटी
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड परिवहन निगम की दिल्ली से देहरादून के बीच चलने वाली एक बस में बेटिकट यात्रा कराने और धन उगाही में परिचालक की करतूत पकड़ी गई है। औचक निरीक्षण में सहायक महाप्रबंधक ने दिल्ली से देहरादून आ रही एक बस में सामान लादने के एवज में कारोबारी से 1500 रुपये लेने के बाद 290 रु पये की रसीद देने का मामला पकड़ा है। इसके अलावा कई अन्य बसों में यात्रियाें को बेटिकट यात्रा कराने की बात सामने आई है।
परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक क्रांति सिंह के अनुसार 29 सितंबर को गाजियाबाद में निगम की बसों की औचक जांच के दौरान एक बस में यात्रियों की सीट पर कुर्सियां, मेज रखी मिली थीं। सामान लाने वाले कारोबारी ने पूछताछ में दिल्ली से देहरादून सामान ले जाने की बात बताई। इसके एवज में बस परिचालक को 1500 रुपये दिए हैं, लेकिन परिचालक ने केवल 290 रुपये की ही रसीद दी। इसके अलावा जांच के दौरान कई अन्य बसों में चार यात्रियाें को बेटिकट यात्रा करते पकड़ा। यात्रियों ने खुलासा किया कि उन्होंने किराए का भुगतान तो कर दिया है, लेकिन परिचालक ने टिकट नहीं दिए। सहायक महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने बताया कि जांच के दौरान कई अनियमितता पकड़ी गई हैं। इस संबंध में आला अफसराें को रिपोर्ट भेजी गई है।
एसी बस में मुफ्त यात्रा करता मिला परिचालक
सहायक महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने जांच के दौरान एक बस परिचालक को एसी बस में मुफ्त यात्रा करते पकड़ा। इस पर सहायक महाप्रबंधक ने दोनों परिचालकों की जमकर क्लास ली। हालांकि दोनों परिचालकों के माफी मांगने और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने के आश्वासन पर छोड़ दिया। सहायक महाप्रबध्ंाक क्रांति सिंह ने बताया कि चालकों परिचालकों को छह मुफ्त बस यात्रा पास मिलते हैं उनका उपयोग करना चाहिए। किसी भी कर्मचारी को एसी बसों में मुफ्त यात्रा की इजाजत नहीं है।