खानपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शनिवार को कलसिया गांव के पास करीब 30 मीटर तटबंध ध्वस्त हो गया है। इससे हजारों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। कई गांवों के संपर्क मार्गों पर जलभराव होने से ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ, जल पुलिस और मेरठ सेवा समाज के आपदा मित्रों को मौके पर बुला लिया है। साथ ही तटबंध का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। हालत बिगड़ने पर 700 ग्रामीणों को ठहराने के लिए प्रशासन ने दो राहत शिविर तैयार कर लिए हैं।
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान पार कर 293.30 (चेतावनी निशान 293 मीटर) मीटर पर पहुंच गया था। शनिवार तड़के ग्रामीणों ने इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को दी। सूचना पर उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एसएल कुड़ियाल के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बाद टीम लौट गई। दोपहर में तटबंध टूट गया। इससे कलसिया, डुमनपुरी, बालावाली, डेरियो, बादशाहपुर, पोडोवाली, रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला समेत सात गांवों की खेती की जमीन पर बाढ़ का पानी भर गया। एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि उनके लौटने के बाद तटबंध टूट गया था। मौके पर एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम के अलावा मेरठ सेवा समाज के 22 आपदा मित्र पहुंच गए हैं। 700 ग्रामीणों को ठहराने के लिए दो जगह शिविर बनाए गए हैं। इनमें से एक शिविर रायसी कृषक इंटर कालेज में लगाया गया है। इस शिविर में 200 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। दूसरा शिविर बालावाली इंटर कॉलेज में लगाया गया है। इसमें 500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। शिविर में बिस्तर आदि की व्यवस्था की जा रही है।
गंगा की धारा बदलने से तटबंध मे लगातार कटाव हो रहा है। फिलहाल इसके मरम्मत का काम चल रहा है। कटाव रोकना हमारी प्राथमिकता है।
- कौस्तुभ मिश्र, उपजिलाधिकारी लक्सर