पार्किंग नहीं तो सील किए जाएंगे निजी अस्पताल और क्लीनिक
आईएमए के प्रतिनिधिमंडल ने एमडीडीएम उपाध्यक्ष व सचिव के साथ की वार्ता
एमडीडीए उपाध्यक्ष ने 10 दिनों के भीतर नया नक्शा जमा कराने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने पर राजधानी में निजी अस्पताल और क्लीनिक सील किए जाएंगे। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष ने निजी अस्पताल संचालकों को 10 दिनों के भीतर अपना नया नक्शा जमा कराने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि जिस क्लीनिक या अस्पतालों में पार्किंग की जगह नहीं होगी, उनको सील किया जाएगा।
शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रतिनिधिमंडल ने एमडीडीएम उपाध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव और सचिव पीसी दुमका के साथ वार्ता की। इस दौरान उपाध्यक्ष ने कहा कि पिछले महीने निजी अस्पताल संचालकों की बेसमेंट के व्यवसायिक उपयोग की शिकायत मिली थी। इसके बाद ऐसे अस्पताल संचालकों को अपना नक्शा दोबारा एमडीडीए में जमा कराने को कहा गया था, लेकिन किसी भी अस्पताल और क्लीनिक संचालक ने दोबारा नक्शा जमा नहीं कराया। इसके बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पार्किंग नहीं मिलने पर एमडीडीए ने बीते दिनों जीएमएस रोड स्थित सिनर्जी अस्पताल को सील कर दिया था।
साथ ही नक्शे के साथ अस्पताल प्रबंधन को तलब किया था। इसी कड़ी में शुक्रवार को आईएमए के नेतृत्व में सिनर्जी अस्पताल प्रबंधन समेत अन्य अस्पताल संचालक वार्ता करने एमडीडीए पहुंचे। इस दौरान एमडीडीए के उपाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने सिनर्जी समेत सभी अस्पताल संचालकों को 10 दिन में नया नक्शा लाने के निर्देश दिए। वहीं, सचिव पीसी दुमका ने कहा कि 10 दिन बाद नए और पुराने नक्शों का मिलान किया जाएगा। नए नक्शे में पार्किंग की जगह नहीं होने पर अस्पताल भवन सील किए जाएंगे। इस दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. सुमन सेठी, डॉ. कृष्णावतार, डॉ. पीके अग्रवाल, डॉ. हरीश कोहली, डॉ. राकेश कालरा मौजूद रहे।
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निर्देश के बाद भी दोबारा पास नहीं कराए नक्शे
पिछले महीने एमडीडीए उपाध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव के निर्देश के बाद भी निजी अस्पताल संचालक नींद से नहीं जागे। एमडीडीए ने जुलाई में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टरों के साथ ही निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक की थी। इसमें तय किया गया कि जिन निजी अस्पतालों की ओर से बेसमेंट का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है, वे नए सिरे से नक्शा एमडीडीए में जमा कराएंगे। इसके बाद कंपाउंड योग्य होने की स्थिति में उसका कंपाउंड किया जाएगा, लेकिन अगर पार्किंग की जगह नहीं है तो ऐसी स्थिति में अस्पताल को सील किया जाएगा। इसके बावजूद निजी अस्पताल संचालकों ने दोबारा नक्शे पास नहीं कराए। जब सिनर्जी अस्पताल के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई हुई, तब वे शुक्रवार को एमडीडीए पहुंचे।