ब्यूरो, अमर उजाला, देहरादून
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और छात्रवृित्त के लिए खोले गए स्कूली छात्रों के खाते से बैंक ने रुपये काट लिए। बैंक ने खाते में न्यूनतम धनराशि (मिनिमम बैलेंस) नहीं रखने पर यह धनराशि काटी है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने इस पर नाराजगी जताई है।
प्रदेश में छात्र-छात्राओं को सरकार की योजनाओं का लाभ देने के लिए बैंक खाते खोले गए थे। इसमें उनकी पुस्तक और ड्रेस की धनराशि, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं की धनराशि भेजी जाती है। सरकार ने अलग-अलग बैंकों में उनके खाते खोले थे। लेकिन यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने इन खातों में न्यूनतम धनराशि नहीं रखने पर शुल्क काट दिया। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के संज्ञान में मामला आने के बाद बैंक अधिकारियों को तुरंत धनराशि वापस करने के निर्देश दिए गए।
राज्य परियोजना निदेशक एसएसए कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर 15 दिन में डीबीटी खातों के संबंध में सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों की यह सूची राज्य के नोडल अफसर को दी जानी है, जिससेे छात्रों की काटी गई धनराशि वापस की जा सके।