ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ट्रक आपरेटर्स की हड़ताल के समर्थन में शहर की सड़कों पर आज सिटी बस, विक्रम, ऑटो, मैजिक और स्कूल वैन का संचालन भी पूरी तरह ठप रहेगा। उत्तराखंड परिवहन महासंघ और आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ, आटो यूनियन, टेंपो यूनियन के अलावा स्कूल वैन संचालक एसोसिएशन ने एक दिन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ठप होने से शहरवासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल ने बताया कि उनकी यूनियन ने हड़ताल का निर्णय लिया है। शुक्रवार को शहर में 270 सिटी बसों का संचालन ठप रहेगा। इसके साथ ही 794 विक्रम, 2600 ऑटो और 250 मैजिक के अलावा 150 से अधिक स्कूली बसों, वैन का भी संचालन पूरी तरह ठप रहेगा। वहीं, शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले विक्रम और सिटी बसों का संचालन नहीं होने से शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सबसे अधिक दिक्कत उनको होगी, जो पूरी तरह लोकल ट्रांसपोर्ट पर निर्भर हैं।
--
स्कूल वैन संचालकों की हड़ताल से बच्चों को होगी दिक्कत
ट्रक आपरेटर्स की हड़ताल में स्कूल बस और वैन संचालकों के शामिल होने से स्कूली बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल के मद्देनजर कुछ स्कूलोें के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों ने अभिभावकों को एसएमएस भेजकर कहा है कि शुक्रवार को वे बच्चों को अपने स्तर पर व्यवस्था कर स्कूल पहुंचाएं।
--
यूनियनों के पदाधिकारी बोले
केेंद्र सरकार से तमाम समस्याओं के निराकरण की लगातार मांग उठाई जा रही है, लेकिन मांगों का निराकरण तो दूर उस पर विचार तक नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अब पूरे देश के ट्रक आपरेटर्स के सामने हड़ताल के अलावा कोई अन्य विकल्प ही नहीं है। केंद्र सरकार अड़ियल रवैया अख्तियार कर रही है।
-दलजीत सिंह मान, अध्यक्ष, उत्तराखंड परिवहन महासंघ
--
केंद्र एवं राज्य सरकार का ट्रक आपरेटर्स, सिटी बस संचालकों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। स्पीड गवर्नर की अनिवार्यता समाप्त करने, फिटनेस की पेनाल्टी समाप्त करने और फिटनेस की अवधि छह से माह से बढ़ाकर एक साल करने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
-विजयवर्धन डंडरियाल, अध्यक्ष, देहरादून महानगर सिटी बस सेवा
--
देशभर के ट्रक आपरेटर्स तमाम परेशानियों से जूझ रहे हैं। तेल की बढ़ती कीमतों के साथ ही टोल बैरियर पर भारी भरकम वसूली रोकने समेत तमाम मांगोें को लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार हठधर्मी रवैया अख्तियार कर रही है। ऐसे में हड़ताल के अलावा और विकल्प ही क्या बचता है।
-अशोक ग्रोवर, महामंत्री, देहरादून ट्रक आपरेटर्स एसोसिएशन
--
परिवहन सचिव बोले
ट्रक आपरेटर्स की जो भी मांगे हैं, उनका निराकरण केंद्र सरकार के स्तर से होना है। अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते दूध, सब्जी समेत दैनिक उपयोग की चीजों की कमी न हो, इसके लिए जो भी ट्रक आपरेटर्स गाड़ियां संचालित करना चाहेंगे उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा गया है। जिलाधिकारी और एसएसपी ट्रक आपरेटर्स को सुरक्षा मुहैया कराएंगे।
-डी सेंथिल पांडियन, परिवहन सचिव