अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर की गई टिप्पणी से गुस्साया दलित समाज सोमवार को लाठी डंडे लेकर सड़कों पर उतर आया। इस दौरान दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान जबरन बंद कराने के साथ उग्र प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके सहित अन्य अधिकारियों ने शहर से देहात तक हालात का जायजा लिया। दोपहर बाद धरना- प्रदर्शन के बाद हालात सामान्य हुए।
दलित एकता मंच के बैनर तले दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट के बारे में कोर्ट की गई टिप्पणी के विरोध में भारत बंद के आह्वान पर दलित समाज के लोग अलग- अलग क्षेत्रों से सड़कों पर निकलने लगे। भारी तादाद में लोगों ने नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरना दिया। कुछ लोग अलग- अलग स्थानों पर जाम लगाकर भी बैठे। जब हर तरफ से लाठी डंडे, बेसबाल आदि लेकर उग्र भीड़ निकली और बाजार बंद कराने शुरू किए तो अफरा तफरी मच गई। पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीजल भरवा रहे चालकों को भी लाठी डंडे दिखाकर प्रदर्शनकारियों ने भगा दिया। पुराने रानीपुर मोड़ के पास एक डेंटल क्लीनिक को जबरन बंद कराने का विरोध करने पर एक प्रदर्शनकारी ने डा. आरडी शर्मा पर लाइसेंसी पिस्टल तान दी। गुस्साए प्रदर्शनकारी प्रेमनगर आश्रम चौक के पास पहुंचकर हाईवे पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। एसपी सिटी ममता वोहरा की अगुवाई में पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची। एसपी सिटी के समझाने पर प्रदर्शनकारी मान गए और जाम खोल दिया।
रेलवे स्टेशन ज्वालापुर के पास भी एक क्लीनिक का आधा शटर खुला देखकर प्रदर्शनकारियों ने वहां भी डंडे लहराए। आर्यनगर चौक के पास प्रदर्शनकारियों ने जबरन एक स्कूल को बंद कराया। ऐसे में स्कूल संचालकों ने अभिभावकों को ही बच्चों को लेने के लिए बुलाया। पुराने रानीपुर मोड़ के पास एक बैंक को भी जबरन बंद करा दिया। कई रेहड़ी, ठेली चालकों के साथ मारपीट कर उन्हें भी भागने के लिए मजबूर कर दिया। प्रेमनगर चौक के पास हाईवे जाम कर समाज के लोगों ने यातायात भी बाधित कर दिया। हरिद्वार रेलवे स्टेशन और ज्वालापुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रेक पर बैठकर लोगों ने प्रदर्शन किया। उग्र प्रदर्शन के दौरान ज्वालापुर के कटहरा बाजार, चौक बाजार, पीठ बाजार, सर्राफा बाजार, रेलवे रोड, सेक्टर दो, आर्यनगर चौक, सिंहद्वार रोड के अलावा हरिद्वार के मोतीबाजार, बड़ा बाजार, समेत कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं बचा जहां बाजार बंद न कराए गए हों।
खाने पीने के लिए परेशान रहे श्रद्धालु पर्यटक
उग्र प्रदर्शन की आंच में श्रद्धालु पर्यटक भी झुलसते रहे। रेस्टोरेंट, ढाबे बंद होने से उन्हें काफी दिक्कतें हुई। खासतौर पर हरकी पैड़ी, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, तथा शिवमूर्ति चौक और श्रवणनाथ नगर आदि यात्री बाहुल्य क्षेत्रों में चाय की दुकानें भी बंद रही। खाने पीने के सामान के लिए यात्री यहां वहां भटकते नजर आए। पूरे शहर के रेस्टोरेंट, ढाबे शाम तक बंद रहे।
कई घंटों रहे खड़े, नहीं खोल पाए दुकान
शहर भर के व्यापारी अपन-े अपने प्रतिष्ठान के बाहर कई- कई घंटों तक खड़े रहे। जब एक बार जनसैलाब गुजरता तब व्यापारी प्रतिष्ठान खोलने की हिम्मत जुटा रहे थे, लेकिन तभी दूसरा जनसैलाब उमड़ आता। तब व्यापारी वर्ग फिर से शटर गिराता रहा। वे कई घंटों तक बाहर ही खड़े होकर जनसैलाब के निकलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं हुई।
बहादराबाद में हाईवे जाम, लाठीचार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बहादराबाद।
एससीएसटी को लेकर आहूत भारत बंद का बहादराबाद में व्यापक असर रहा। इस दौरान पुलिस पर पथराव होने पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। पुलिस एहतियात के तौर पर पूरी चौकसी बरत रही है।
भारत बंद के आह्वान पर दलित समाज के सैकड़ों लोग ने भेल तिराहे के पृथ्वीराज चौहान चौक पर धरना प्रदर्शन के साथ ही हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब चार घंटे तक चले धरने प्रदर्शन के दौरान एएसपी मनोज कत्याल और थानाध्यक्ष मनोहर सिंह भंडारी ने आंदोलनकारियों को रास्ता खोलने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान भीड़ में से कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया । इससे वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने पथराव कर रही भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया। सूचना पाकर एसएसपी कृष्ण कुमार वीके भी मौके पर पहुंच गए।
आंदोलन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल, ब्रजेश, पलटूराम, सतपाल सिंह, नीटू, सोनू कुमार, प्रताप प्रधान, जोनी कुमार, डिक्कन कुमार, प्रवीण कुमार, अमित कुमार, मुकेश कुमार, अजय कुमार और मोनू आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
बहादराबाद्र , रोहालकी, बोंगला, ब्रह्मपुरी, अलीपुर, अहमदपुर, रावली महदूद सलेमपुर और दादूपुर आदि गांवों से लोग प्रदर्शन में पहुंचे। दूसरी और बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदनलाल और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मौ. अज्जम अली के नेतृत्व में सैकड़ों दलितों ने बैरिकेटिंग लगाकर चक्का जाम किया। मदन लाल ने कहा कि दलितों के सम्मान और अधिकार के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में मीरपुर, गढ़, राजपुर, कुतुबपुर और पूरनपुर आदि गांवों से लोग शामिल हुए। दोपहर बाद दलित संघठनों के युवाओं ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर झुंड के रूप में बाजार बंद करने की कोशिश की। जिन्हें पुलिस ने लाठियां फटकार कर खदेड़ा।
फेरुपुर में लगाया जाम, प्रदर्शन
पथरी। फेरूपुर में तिराहे पर बसपा नेता मुकर्रम अंसारी के नेतृत्व में दलित समाज ने आरक्षण खत्म करने के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और जाम लगाया। इस दौरान दलित समाज के लोगों ने दुकानें बंद कराई। दोपहर एक बजे बसपा नेता मुकर्रम अंसारी के नेतृत्व में दलित समाज के लोग फेरूपुर तिराहे पर जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष दीपक कठैत व नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन करने वालों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद दलित समाज के लोग धरने पर बैठ गये। बसपा नेता मुकर्रम अंसारी के नेतृत्व में दलित समाज के लोग शाम पांच बजे तक धरने पर बैठे रहे।
लालढांग में फूंका केंद्र सरकार का पुतला
लालढांग। डालुपुरी से लालढांग चौक गांधी तक जुलूस निकाल कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। सोमवार को बंद के समर्थन में लालढांग क्षेत्र के डालुपुरी चमरिया, रसूलपुर, नया गांव आदि के ग्रामीण राजपाल सिह, बलबंत सिह, सोनू कुमार, चेतराम सिंह, भूरे सिंह, राजवीर सिंह, गजराज सिंह, मुनेश,महानंद सिंह, ईसम सिह, आकाश, संजय कुमार आदि सहित सैकड़ों लोगों ने कटेबड चौराहे पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान सुरेश कुमार, इंद्रजीत सिंह, नी.लो देवी, कांति देवी, राजेंद्र सिंह, कुसुम देवी मुन्नी, बाबूदास बलवंत सिंह, राजबीर सिंह महानंद, केलो सिंह, आकाश कुमार, सोनू कुमार, कर्मसिंह आदि शामिल रहे।
...तो दलितों ने बनाई थी बेहद सधी हुई रणनीति
हरिद्वार। सोमवार को अपने उग्र तेवर से हर पूरे शहर को हिला देने वाले दलित समाज की रणनीति बेहद सधी हुई थी। सिस्टम को भी उनके तेवरों की भनक नहीं हुई। साफ है कि उग्र आंदोलन का ताना- बाना चंद घंटों में ही बुन लिया गया था।
दलित समाज के उग्र आंदोलन को धार का नतीजा सोमवार को सामने आया। एक के बाद एक दलित समाज के लोग जुलूस की शक्ल में मुख्य शहर पर उतरते रहे। हर दिशा से जनसैलाब उमड़ता रहा। दलित समाज ने तैयारी पूरे जोशोखरोश से की थी। यही वजह थी कि प्रदर्शनकारियों की संख्या हजारों में थी। कम समय में इतने बड़े प्रदर्शन का होना बड़ी बात मानी जा रही है। सिस्टम को भी भनक नहीं हुई। बेहद ही खामोशी से दलित समाज ने अपनी ताकत को एकजुट किया।
प्रदर्शन की थाह नहीं ले सकी पुलिस
हरिद्वार। अंदर ही अंदर सुलग रही दलित समाज के आंदोलन की पुलिस थाह नहीं ले पाई थी। एलआईयू, स्पेशल ब्रांच, आईबी जैसी एजेंसियों का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त नजर आया। प्रदर्शनकारियों की मनमानी करने के बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी रही। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही दलित समाज का जनसैलाब शहर में उमड़ने लगा। हाथ में लिए लाठी डंडे लहराते प्रदर्शनकारी खुद ही शटर गिराते चले गए। शहर में अफरातफरी मचने पर पुलिसकर्मी हरकत में आए। आनन फानन में थाना कोतवाली से लेकर कार्यालयों में बैठे अफसर शहर की तरफ दौड पड़े। धीरे धीरे पुलिस-पीएसी के ट्रक भी पहुंचने लगे। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आखिर पुलिस उग्र प्रदर्शन की थाह क्यों नहीं ले पाई। यही नहीं एलआईयू, स्पेशल ब्रांच और आईबी का नेटवर्क भी पूरी तरह से फेल हुआ। शुक्र है कि शहर में बवाल नहीं हुआ वरना पूरे शहर का जलना तय था।
कोर के लिए
फोटो समाचार
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर उबले
भारत रत्न डा.अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने पर हो देशद्रोह की कार्रवाई
दलितों के सम्मान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं, हजारों ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
एससी- एसटी एक्ट के बारे में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से अनुसूचित जाति के लोग उबल पड़े। उग्र हुए दलित समाज के हजारों लोगों ने सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना देते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस दौरान अंबेडकर प्रतिमाओं को खंडित करने वालों को देशद्रोही घोषित करते हुए कार्रवाई करने और एससीएसटी से जुड़ी जातियों के बारे में बनाए गए कानूनों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने की मांग की।
दलित एकता मंच के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने जुलूस निकालते हुए नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरना दिया। राज्य एससी एसटी आयोग के अध्यक्ष पूर्व सांसद हरपाल साथी ने कहा कि दलित समाज के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। कहा कि एससीएसटी एक्ट के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूर्व सांसद भगवानदास राठौर ने कहा कि दलित समाज पूरी तरह एकजुट है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तीरथ पाल रवि के संचालन और बलराम सिंह राठौर की अध्यक्षता में हुई सभा को बसपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि दलित समाज के उत्पीड़न की घटनाएं रोकने के बजाय मनुवादी सोच के लोग लगातार शोषण कर रहे हैं। बसपा के प्रदेश महासचिव रतिराम ने कहा कि सरकार ने न्यायालय में सही पैरवी नहीं की। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगजीवन राम ने कहा कि किसी भी सूरत में दलितों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा को अरविंद चंचल, बालेश्वर सिंह, वीएस तेजियान, विजयपाल सिंह जयंत, ब्रह़्मपाल सिंह, प्रेम सिंह, छत्रपाल, जगदीश दूबे, सतीश दाबडे, प्रीतम सिंह, अशोक कुमार, जयंती प्रसाद, सीपी सिंह, अमरजीत सिंह, प्रेमचंद सिमरा, संदीप गौड, सुरेंद्र पाल अंबेडकर, विशाल खैरवाल, शिवपाल रवि, विजयपाल, राजबीर सिंह, सुनील कुमार, रणवीर सिंह, डा. गोपाल विरमानी, पुनीत कुमार, सतपाल, धनंजय, रंजीत, देवेंद्र सागर, रूपचंद आजाद, रामकरण, उदयवीर थापा, कृपाल सिंह, रवि कुमार, दिनेश कुमार, ओपी गौतम, मुकेश देवेंद्र, प्रशांत, श्री कुमार आदि समेत बडी संख्या में वक्ताओं ने विचार रखे। धरना सभा के बाद राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया।
रावण से रासुका हटाने का मुद्दा भी उठा
धरना स्थल पर एससीएससी एक्ट से छेड़छाड़ के विरोध के साथ ही कई अन्य मुद्दे भी उठाए गए। राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में जातिगत विद्वेष के आधार पर किए जा रहे अत्याचारों को रोकने, भीमराव अंबेडकर समेत अन्य विभूतियों की प्रतिमाएं तोड़ने वालों के खिलाफ देशद्रोह की कार्रवाई करने, संसद और न्यायालय के माध्यम से अत्याचार निवारण अधिनियम को पुनर्जीवित करने, सरकारी नौकरियों में एससीएसटी का कोटा पूरा करने, पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल करने, गुजरात के डिंपी गांव के प्रदीप की हत्या के मामले में उचित कार्रवाई करने, मृतक के परिजनों को पचास लाख का मुआवजा देने के साथ ही सहारनपुर दंगों के आरोप में गिरफ्तार किए गए भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर उर्फ रावण को रिहा करने समेत कई मांगे शामिल हैं।
थमें बसों के पहिए, लोग रहे परेशान
हरिद्वार। भारत बंद से हरिद्वार में सोमवार को रोडवेज बसें नहीं चल सकी। ऐसे में यात्री शाम तक स्टेशन पर इंतजार करते रहे। वहीं शहर में प्रदर्शन शुरू होने के बाद स्टेशन से बसों का संचालन नहीं किया गया। परिवहन निगम के अधिकारियों ने मुताबिक सुबह बसें दिल्ली, यूपी, और पंजाब की ओर रवाना हुई है, लेकिन प्रदर्शन के चलते बाहरी राज्यों में जाने वाली बसों का संचालन रोक दिया गया। इस दौरान सुबह 11 बजे के बाद यात्रियों को दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, यूपी, पंजाब, राजस्थान के लिए बसें नही मिल पाई। परिवहन निगम की ऋषिकेश, देहरादून की बसों का संचालन भी बंद रहा। उधर हरिद्वार पहुंचने वाली बसें भी प्रदर्शन के कारण जाम में जगह-जगह फंसी रहीं।