ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
संगीन अपराधों में लिप्त अपराधियों पर शिकंजा कसने को अभियोजन की पैरोकारी को और प्रभावी बनाने की तैयारी हैं। इसके लिए अभियोजन का निदेशालय बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जो लोअर, सेशन और हाईकोर्ट तक अभियोजन की जवाबदेही सुनिश्चित करेगा। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूडी शासन के अधिकारियों से इस प्रस्ताव को लेकर कई दौर की बातचीत कर चुके हैं।
क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में पुलिस, जेल, जुडिशियल के अलावा अभियोजन भी महत्वपूर्ण अंग है। जो प्रभावी पैरोकारी कर दोषियों का सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाता है। यूपी की तरह उत्तराखंड में भी अभियोजन कार्यालय का अधिकार क्षेत्र लोअर कोर्ट तक ही सीमित है। अब अभियोजन कार्यालय का दायर बढ़ाने की कवायद चल रही है। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूडी काफी समय से अभियोजन को मजबूत करने के पक्षधर है। डीजीपी अभियोजन को कारगर बनाने के लिए शासन के अधिकारियों से वह कई दौर की बातचीत कर चुके है। सूत्राें के मुताबिक पीएचक्यू अभियोजन निदेशालय को लेकर प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसमें लोअर कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक अभियोजन पार्ट पर जवाबदेही तय की जाएगी।