फिल्म में महिलाओं को संदेश दिया गया है कि पीरियड्स के समय सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन पैड महंगे होने के कारण लोवर क्लास के लोग इसे नहीं खरीद पाते। इसलिए सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
-सुमन पाल, शिक्षिका, जीजीआईसी
--
अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन बहुत अच्छी लगी। हमें फिल्म से यह सीख मिली है कि पीरियड्स कोई बीमारी नहीं है। इससे घबराना नहीं चाहिए और इसे लेकर कभी शर्म नहीं करनी चाहिए। इस स्थिति में स्वच्छता पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
-अमरीन खान, छात्रा
--
फिल्म से सीख मिली है कि पीरियड्स में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए और स्कूल जाना नहीं छोड़ना चाहिए। सोच कभी छोटी नहीं होनी चाहिए। पैड इस्तेमाल के लिए सरकार को जागरुकता अभियान चलाना चाहिए।
-अलिसा, छात्रा
--
पीरियड्स के दिनों में कपड़े के जगह सेनेटरी पैड इस्तेमाल करना चाहिए। इन दिनों सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन पैड महंगे होने के कारण कई लोग खरीद नहीं पाते। हमारी सरकार से मांग है कि महिलाओं की ओर ध्यान दें और ऐसी पैड जैसी चीजों को कम दामों पर मुहैया कराए।
-मनीषा, छात्रा
--
टैक्स फ्री हो सेनेटरी पैड
सेनेटरी नैपकिन पर 12 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता है। लिहाजा महिलाओं की मांग है कि इससे जीएसटी हटना चाहिए। आराघर निवासी लक्ष्मी विष्ट ने बताया कि पैड के दाम बढ़ने के कारण हम लोग पैड नहीं खरीद पाते। पीरियड्स के दौरान मजबूरन कपड़े का इस्तेमाल करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सेनेटरी नैपकीन को टैक्स फ्री करना चाहिए।