ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
आरटीओ का कोई कर्मचारी अब फिटनेस जुर्माना वाले वाहनों के रिकार्ड से छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा। आरटीओ दून में फिटनेस जुर्माना माफ करने का घोटाला सामने आने के बाद आरटीओ देहरादून सुधांशु गर्ग ने एनआईसी को पत्र भेज सॉफ्टवेयर अपडेट करने को कहा है। सॉफ्टवेयर अपडेट होते ही फिटनेस जुर्माने में सरेंडर वाहनों की ऑटोमेटिक छटनी हो जाएगी। उधर, गड़बड़ी में लेखाकार महेंद्र कुमार का हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय में तबादले के बाद आरटीओ ने जुर्माना माफी वाले वाहन स्वामियों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं।
देहरादून आरटीओ कार्यालय में 100 वाहनों के फिटनेस जुर्माना माफ कर विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाए जाने से खलबली मची है। परिवहन मुख्यालय के आदेश पर इसकी जांच बैठाई गई है। जांच की शुरुआत में लेखाकार महेंद्र कुमार का तबादला किया गया है। महेंद्र कुमार की लॉगइन से ही जुर्माना माफ किया गया है। जांच अधिकारी एआरटीओ अरविंद पांडेय इस गड़बड़ी को सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामी मान रहे हैं। आरटीओ सुधांशु गर्ग के मुताबिक एनआईसी के अधिकारियों को सॉफ्टवेयर में फेरबदल करने को पत्र भेजा गया है। आरटीओ गर्ग के मुताबिक सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद फिटनेस जुर्माने वाले वाहनों के रिकार्ड से मैनुअल छेड़छाड़ नहीं हो पाएगी। सॉफ्टवेयर ही फिटनेस जुर्माने वाले वाहनों में आरटीओ में सरेंडर हो चुके वाहनों की अलग छटनी कर देगा। फिटनेस जुर्माना 50 रुपये रोजाना है। जबकि सरेंडर वाहनों पर जुर्माना नहीं है। साफ्टवेयर के अपडेट होने से किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। आरटीओ के मुताबिक जांच में जिन 100 वाहनों का जुर्माना छोड़ा गया है उनके स्वामियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। वाहन स्वामियों को जुर्माना जमा करना होगा। जून 2017 से नवंबर 2017 के अंतराल में जुर्माना माफ किया गया ह्रै।