ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
नये साल का जश्न मनाने के लिए मसूरी जाने वाले पर्यटकों को थर्टी फर्स्ट पर देहरादून में खासी मशक्कत करनी पड़ी। रेलवे स्टेशन के बाहर पर्यटकों को समय पर न बसें मिलीं और न ही टैक्सियां। मसूरी जाने के लिए पर्यटक घंटों इंतजार करते रहे। बस मिलने पर खड़े होकर मसूरी तक सफर करना पड़ा। कई पर्यटकों से टैक्सी चालकों ने मनमानी किराया वसूला।
मसूरी जाने के लिए रविवार को वाहनों का जाम लगा रहा। रेलवे स्टेशन में सुबह से ही पर्यटकों की भीड़ रही। रेलवे स्टेशन के बाहर मसूरी के लिए जाने वाली बसों का स्टेंड है। यहीं टैक्सी स्टेंड भी है। हर घंटे बाद मसूरी के लिए बसें संचालित होती हैं, जबकि टैक्सी स्टेंड से करीब 150 टैक्सियों का संचालन होता है। पर्यटकों की भीड़ उमड़ने से बसें कम पड़ गई। बस खड़ी होते ही सवारियों से भरने लगी। बसों की कमी होेने से सवारियां टैक्सियों पर निर्भर रही। टैक्सियां भी मसूरी के जाम में फंस गई और उनकी वापसी होने तक सवारियां दूसरे विकल्पों की तलाश में भटकती रही।
टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी खलील अहमद ने बताया कि रविवार को काफी भीड़ थी। पर्यटक काफी परेशान रहे। खलील अहमद ने बताया कि बस स्टैंड से लोग खड़े होकर मसूरी गए। टैक्सियों की कमी होने पर पर्यटकों ने स्टेशन से बाहर से टैक्सियां बुक कराई। अधिकांश पर्यटक इनोवा और दूसरी गाड़ियों की मांग करते नजर आए, जबकि स्टैंड से अधिकांश एबेंसडर कार चलती हैं। आईएसबीटी में भी अन्य दिनों की तुलना में रविवार को यात्रियों की भीड़भाड़ रही। आरएम सीपी कपूर ने बताया कि दिल्ली से आने वाली अधिकांश बसों फुल रही।