कोटद्वार। जाने-माने छायाकार और वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी का मंगलवार को कोटद्वार के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी मौत की खबर लगते ही यूपी और उत्तराखंड से पत्रकार, साहित्यकार और राजनेता उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए कोटद्वार पहुंच गए थे। उनकी जेब से मंगलवार सुबह पुलिस ने सुसाइड नोट भी बरामद किया, जिससे उनकी संदिग्ध मौत की अटकलों पर विराम लग गया।
सोमवार शाम पर्यावरणविद् पदमश्री डा. अनिल जोशी के बड़े भाई कमल जोशी की कोटद्वार स्थित अपने आवास पर मौत हो गई थी। संदिग्ध हालात में मौत की आशंका के चलते परिजनों, मित्रों और पत्रकारों ने उनका पोस्टमार्टम करवाने की मांग पुलिस प्रशासन से की थी। मंगलवार सुबह देहरादून से पुलिस की फोरेंसिक टीम भी उनके आवास पर पहुंच गई थी। इस बीच, जब पुलिस ने उनके कपड़ों की फिर से तलाशी ली तो उनकी कैपरी के बाएं जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिससे उनकी संदिग्ध हालात में मौत की अटकलों पर विराम लग गया। सुसाइड नोट में जिंदगी से उकताने की बात लिखी गई थी तथा उनकी मौत के लिए जिम्मेदार न ठहराने की बात लिखी थी। परिजनों, मित्रों और पुलिस ने उनकी हैंडराइटिंग की पहचान की पुष्टि की। इसके बावजूद पुलिस ने उनका पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों के सुपुर्द किया। उनकी मौत की खबर मिलते ही देहरादून, हल्द्वानी, लखनऊ, मेरठ और अन्य शहरों से बड़ी संख्या में उनके परिचित कोटद्वार पहुंच गए थे। उनके भतीजे अजय जोशी ने शव को मुखाग्नि दी। कोटद्वार मुक्तिधाम में बड़ी संख्या में राजनेता, पत्रकारों, साहित्यकारों, व्यापारियों और विभिन्न संगठनों ने उन्हें श्रद्धासुमन देकर श्रद्धांजलि दी।
उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में कांग्रेस सांसद प्रदीप टम्टा, कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन शाह, इतिहासकार डा. शेखर पाठक, उमा भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार अनूप मिश्रा, जयंत के संपादक नागेंद्र उनियाल, देवेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट, हंस कल्चरल सेंटर के प्रदेश प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट (टैगू भाई) महिला समाख्या की प्रीति थपलियाल समेत कोटद्वार के सभी पत्रकार, व्यापारी, राजनीतिक दलों और संगठनों से जुड़े लोग शामिल थे।