अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शैक्षिक सत्र की शुरूआत में ही सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या की दयनीय तस्वीर सामने आ रही है। शिक्षा विभाग ने सोमवार को भी अभियान चलाकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दिन भर में 38 प्राइमरी, जूनियर और माध्यमिक स्कूलों का निरीक्षण किया। इनमें तीन शिक्षक बिना अवकाश गायब मिले। जबकि 67.47 प्रतिशत छात्र अनुपस्थित पाए गए।
जनपद के नए मुख्य शिक्षा अधिकारी आरडी शर्मा ने सरकारी स्कूलों का हाल जानने के लिए अधीनस्थों को रोजाना पांच स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जिससे नए शैक्षिक सत्र में सरकारी स्कूलों की अव्यवस्थाओं को दूर किया जा सके। विभाग ने निरीक्षण अभियान की शुरूआत ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलने पर शनिवार से की थी। पहले दिन भी आधे से अधिक छात्र गायब मिले थे। दूसरे दिन सोमवार को भी सीईओ आरडी शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सैनी सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, उप शिक्षा अधिकारियों ने अभियान चलाकर स्कूलों का निरीक्षण किया। दूसरे दिन जनपद के 28 प्राइमरी स्कूल, छह उच्च प्राथमिक, दो राजकीय इंटर कालेज और दो राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूलों का निरीक्षण किया गया। प्राइमरी स्कूलों से तीन शिक्षक बिना अनुमति के अनुपस्थित मिले। जबकि इन 38 स्कूलों में 67.47 प्रतिशत छात्र गैरहाजिर मिले।
मुख्य शिक्षा अधिकारी आरडी शर्मा ने बताया कि निरीक्षण में पाए जा रहे तथ्यों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पांच जुलाई तक स्कूलों के निरीक्षण के बाद अधीनस्थों के साथ मिलकर व्यवस्था सुधारने की रणनीति बनाई जाएगी। इसके बाद स्कूलों की दशा और दिशा तय करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
गैरहाजिर शिक्षकों से मांगा जाएगा जवाब
विभाग के निरीक्षण में प्राइमरी स्कूलों से सबसे ज्यादा शिक्षक गायब मिले हैं। हालांकि इनमें 12 शिक्षक डायट में प्रशिक्षण और कई अन्य शिक्षक विभागीय कार्य के चलते अनुमति लेकर स्कूलों से बाहर रहे। बावजूद इसके तीन शिक्षक बिना अवकाश लिए ही गायब मिले। इससे पहले भी तत्कालीन प्रभारी सीईओ और डीईओ बेसिक के औचक निरीक्षणों में शिक्षकों की लापरवाही सामने आ चुकी है।