मानसून के शुरू होती ही बादलों ने उत्तराखंड के पहाड़ पर विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। चारधाम यात्रा रूट पर लगातार बारिश होने से यहां बदरीनाथ नेशनल हाईवे जगह-जगह बाधित हो रहा है। वहीं केदारनाथ में भीमनाला पड़ाव पर बरसाती नाले के ऊफान पर आने से खतरे की संभावना बनी हुई है।
सोमवार को बदरीनाथ राजमार्ग विभिन्न स्थानों पर मलबा आने के कारण लगातार बाधित हो रहा है। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और रड़ांग बैंड अवरुद्ध होने से हाईवे पर तीर्थयात्रा वाहनों के पहिये थम गए। हेमकुंड साहिब यात्रा सुचारु है। सुबह 10 बजे तक गोविंदघाट से हेमकुंड के लिए रवाना 665 तीर्थयात्री हुए थे।
वहीं सोमवार को केदारनाथ पैदल यात्रा पांच घंटे देर से शुरू हुई। प्रात: 10 बजे सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए 437 श्रद्धालु छोड़े गए। वहीं केदारनाथ यात्रा पड़ाव पर भीमनाला में ऊफान आने से यात्रियों के लिए खतरा बना हुआ है।
मुनकटिया में भारी मलबा आने से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पांच घंटे अवरुद्ध रहा। उधर, मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों में भी राज्य में बारिश के साथ ही रुद्रप्रयाग व चमोली के साथ ही कुमाऊं मंडल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की है।