डाक्टर बनने का सपना टूटने से निराश एक छात्र ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। नीट परीक्षा में दो नंबर कम आने से छात्र बेहद परेशान हो गया था। जीआरपी ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। छात्र की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
निरंजनपुर निवासी 20 वर्षीय रोहित पुत्र प्रमोद डाक्टर बनना चाहता था। उसने पिछले वर्ष गांव के राजकीय इंटर कालेज से 12वीं की परीक्षा 65 फीसदी अंकों से पास की थी। उसके बाद वह रुड़की में नीट की तैयारी करने पहुंचा। पिछले दिनों उसने इसकी परीक्षा दी थी। शुक्रवार को इसका परीक्षाफल घोषित हुआ तो वह दो नंबर से असफल रहा। इससे रोहित बेहद हताश हो गया था। वह बिना बताए घर से कहीं निकल गया। घंटों तलाश के बाद परिजनों को पता चला कि रायसी के समीप किसी युवक की ट्रेन से कटने से मौत हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है। संपर्क करने पर जीआरपी ने परिजनों को बताया कि शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए रुड़की भेज दिया है। इस पर परिजन सीधे रुड़की पहुंचे और रोहित की शिनाख्त की। गांव में पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। उसके बाद परिजनों ने देर शाम गांव के शमशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। जीआरपी थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि आत्महत्या के पीछे परीक्षा में असफल होने की बात सामने आ रही है।