एमसीआई की ओर से वर्ष 1997 में एमबीबीएस का सिलेबस बदला गया था। तब से लगातार सिलेबस बदलने की मांग उठती आ रही थी।
अब देश के नामी चिकित्सकों की मदद से एमसीआई ने नया सिलेबस तैयार कर दिया है। सितंबर में यह सिलेबस लांच किया जा रहा है। इसके लिए एमसीआई की ओर से देशभर में मेडिकल कॉलेजों के 40 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। एमसीआई ने शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू भी कर दिया है।
नए सत्र 2019-20 से नया सिलेबस छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। खास बात यह है कि अभी तक छात्रों को तृतीय वर्ष से हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करने का मौका मिलता था लेकिन अब प्रथम वर्ष से ही वह पढ़ाई के साथ अस्पताल में प्रैक्टिस शुरू कर देगा।
सिलेबस वह से सभी टॉपिक्स हटाए जा रहे हैं, जो कि वर्तमान समय के हिसाब से जरूरी नहीं हैं। कई नई बीमारियों को भी सिलेबस में जगह दी जा रही है। जैसे-अभी तक अगर आप अपर लिंब पढ़ते थे तो इससे जुड़े हुए दूसरे टॉपिक्स जैसे एनाटमी, फि जियोलॉजी, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स को अलग-अलग वर्ष में पढ़ाया जाता था जो कि एक तरह का रिपिटेशन था। इसकी छंटनी कर दी गई है।
एमसीआई की ओर से नया सिलेबस तैयार किया गया है। यह सिलेबस अगले महीने लांच होने के साथ ही हम अपने सभी कॉलेजों में शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू करा देंगे। क्योंकि नए सिलेबस को व्यवहारिकता के साथ तैयार किया गया है। वैसे अभी एमसीआई के स्तर से प्रशिक्षण शुरू किया जा चुका है।
- प्रो. विजय जुयाल, कुलसचिव, एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी
हमारे करीब 15 शिक्षकों का प्रशिक्षण हो चुका है। एमसीआई के निर्देशानुसार हम एमसीआई के नए सिलेबस पर काम कर रहे हैं। अगले सत्र से यही सिलेबस पढ़ाया जाना है।
-डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज