ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
होली के बाद फिर से रेलगाड़ियों और बसों में सीट के लिए मारामारी हो गई है। ट्रेनों व बसों में सीटें नहीं मिल रही हैं। दून रेलवे स्टेशन से महज 13 बोगियाें वाली ट्रेनें संचालित होने की वजह से परेशानियां कुछ ज्यादा हैं।
आलम यह है कि देहरादून से हावड़ा, दिल्ली, लखनऊ, मदुरै, इंदौर, इलाहाबाद, वाराणसी, काठगोदाम की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में स्लीपर से लेकर वातानुकूलित श्रेणी में एक भी सीट खाली नहीं है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक देहरादून दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, उपासना एक्सप्रेस, दून-उज्जैन एक्सप्रेस, देहरादून-ओखा एक्सप्रेस, देहरादून-काठगोदाम, देहरादून मदुरै, देहरादून-कोच्चिवेली एक्सप्रेस, देहरादून-गोरखपुर राप्ती गंगा एक्सप्रेस, देहरादून-इलाहाबाद लिंक एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में आरक्षित सीटें नहीं मिल पा रही हैं। स्टेशन अधीक्षक एसडी डोभाल ने बताया कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए तमाम ट्रेनों में 12 बोगियों की जगह एक अतिरिक्त बोगी लगायी गई है। रेलवे अधिकारियों के सामने मुसीबत इस बात की है कि ट्रेेनों मेें 13 से अधिक बोगियां नहीं लगा सकते हैं। दरअसल दून रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्मों की क्षमता 13 बोगियाें की है। इससे अधिक बोगी लगाने पर रेलवे का सिगलन सिस्टम फेल हो जाता है।
दूसरी ओर यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन निगम की ओर से भी अतिरिक्त बसें संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद यात्रियों को वाल्वो, वातानुकूलित बसों में सीटें नहीं मिल पा रही हैं। अधिकारी एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की बात कह रहे हैं।