लेखपालों के कार्य बहिष्कार से अटके प्रमाणपत्र
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। लेखपालों के कार्य बहिष्कार से आय प्रमाणपत्र न बनने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग प्रमाणपत्र के लिए तहसील में भटक रहे हैं। उधर लेखपाल संघ ने कहा कि जांच के नाम पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।
समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ लेने सहित कई सरकारी कार्यों में आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र व स्थायी निवास प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। जिन पर लेखपाल की आख्या लगती है। सदर तहसील में रोजाना करीब दो सौ आवेदनों आख्या लगाई जाती है। अब लेखपालों के कार्य बहिष्कार से काम नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को पटेलनगर निवासी रेखा ने बताया कि उन्होंने 15 दिन पहले सीएससी पर आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। जिस पर आख्या नहीं लगाई जा रही है। जिसके चलते वह वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन नहीं कर पा रही हैं। कारगी निवासी रोहन ने बताया कि उसने कई दिन पहले आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था लेकिन अभी तक उस पर आख्या तक नहीं लग सकी है। इसी तरह दाखिल-खारिज भी अटके हुए हैं। प्रमाणपत्रों के लिए शुक्रवार को कई लोग तहसील में भटकते दिखाई दिए।
बता दें कि समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद जांच शुरू हुई तो पता चला कि लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर छात्रवृत्ति ली थी। इसके बाद जांच टीम ने तहसील से आय प्रमाणपत्रों का ब्यौरा तलब किया है। जिसके विरोध में लेखपालों ने दो दिन से कार्य बहिष्कार किया हुआ है।
उधर लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद घिल्ड़ियाल ने कहा कि जांच के नाम पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।