ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) की टीम को निरीक्षण के दौरान दून मेडिकल कॉलेज (दून अस्पताल) और महिला अस्पताल में भारी खामियां और अव्यवस्थाएं मिली। इस पर टीम में शामिल सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
महिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर टीम ने हैरानगी जताई। यहां एक बिस्तर पर एक से अधिक गर्भवती लेटीं हुई थी। गंदगी मिलने पर भी टीम ने नाराजगी जताई। कॉलेज में 32 प्रतिशत फैकल्टी की कमी पाई गई। निर्माणाधीन भवन भी मानकों के अनुरूप नहीं बन रहा है। दून मेडिकल कॉलेज को वर्ष 2016 में 150 एमबीबीएस सीट की मान्यता मिली थी। वर्तमान में यहां एमबीबीएस के तीन बैच अध्ययनरत हैं। अगले साल यहां चौथे बैच के दाखिले होंगे। चतुर्थ वर्ष की मान्यता के लिए टीम ने कॉलेज व अस्पताल का निरीक्षण किया, लेकिन पिछली बार के निरीक्षण में मिली कुछ कमियां भी अब तक जस की तस हैं। कॉलेज में ड्यूल स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन है। जबकि मानकों के तहत यह कम से कम 16 स्लाइस की होनी चाहिए। कालेज अधिकारियों ने टीम को बताया कि 64 स्लाइस की मशीन की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा नेत्र विभाग में कम बेड, रिकॉर्ड रूम में अव्यवस्थाएं पाई गई। नियमानुसार फैकल्टी की 20 प्रतिशत से ज्यादा कमी नहीं होनी चाहिए। जबकि इसमें 32 प्रतिशत तक कमी पाई गई हैं।
टीम में डॉ. मित्तल पटेल, डॉ. जीवी ठाकुर, डॉ. एसके गर्ग शामिल रहे। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता का कहना है कि टीम काफी हद तक संतुष्ट नजर आई है। कुछ छिटपुट खामियां हैं, जिन्हें समय रहते दूर कर लिया जाएगा।