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राजी टाइगर रिजर्व मेें टाइगर व गुलदारों की मौतों की सीबीआई जांच की मांग

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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राजाजी टाइगर रिजर्व के दो पूर्व अवैतनिक वन्यजीव प्रतिपालकों ने पार्क के भीतर पिछले चार साल में बाघों और गुलदारों के शिकार के प्रकरणों की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक समेत राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक को हटाकर प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। वहीं, पार्क निदेशक सनातन सोनकर ने दोनों वन्यजीव प्रतिपालकों की मंशा पर सवाल उठा कहा कि उन्होंने ड्यूटी पर रहते इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया।
राजाजी टाइगर रिजर्व के दो पूर्व अवैतनिक वन्यजीव प्रतिपालकों दिनेश चंद्र पांडेय व राजीव मेहता ने प्रमुख वन सचिव और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को शिकायत कर आरोप लगाया कि टाइगर रिजर्व में पिछले चार साल में कई बाघों और गुलदारों का शिकार हुआ। जिसे रोकने में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक और निदेशक समेत तमाम अफसर नाकाम साबित हुए है। उन्होंने दोनों वन्यजीव प्रतिपालकों ने अफसरों को हटाने के साथ ही प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
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दूसरी ओर राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक सनातन सोनकर ने दोनों वन्यजीव प्रतिपालकों की मंशा पर सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि आठ माह पूर्व जब वन्यजीव प्रतिपालक के तौर पर दोनों काम कर रहे थ्ेा तब ये मुद्दा क्यों नही उठाया। अब जबकि वन्यजीव प्रतिपालक पद से हटा दिए गए है और विभाग की ओर से मिलने वाली तमाम सुविधाएं छिन गई है तो अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। पार्क निदेशक सोनकर का कहना है कि लेपर्ड की हड्डियां व खाल मिलने के प्रकरण मेें उनकी भी संदेह के घेरे में है जिसकी जांच की जा रही है।
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