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मेडिकल फीस बढोतरी को लेकर दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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गुरु रामराय मेडिकल कॉलेज में फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों ने दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों के साथ ही अभिभावक भी शामिल हुए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन के साथ ही प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के छात्रों का प्रदर्शन बुधवार को जारी रहा। छात्रों के साथ ही अभिभावक भी धरने पर बैठे। उन्होंने मेडिकल फीस कम करने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने एसजीआरआर कॉलेज के प्रबंधक और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया। इस मौके पर काफी संख्या में छात्र व अभिभावक मौजूद रहे।
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कोट::
एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के बैच 2016 की फीस निर्धारण का मामला उच्च न्यायालय नैनीताल में विचाराधीन है। 27 मार्च 2018 को उच्च न्यायालय नैनीताल की ओर से आदेश जारी हुआ है। न्यायालय ने राज्य सरकार की एपिलेट कमेटी को निर्देश दिया है कि 6 सप्ताह के भीतर फीस निर्धारित की जाए। एसजीआरआर कॉलेज प्रबंधन छात्र-छात्राओं को पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि एपिलेट कमेटी का फीस रिव्यू पर जो भी निर्णय होगा, कॉलेज प्रबंधन उसी के तहत अग्रिम कार्रवाई करेगा। कॉलेज प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं को 31 मई तक फीस जमा करवाने का नोटिस जारी किया हुआ है। कॉलेज प्रबंधन का यह भी कहना है कि यदि किसी छात्र-छात्रा द्वारा अधिक फीस जमा की गई है और एपिलेट कमेटी द्वारा कम फीस निर्धारित की जाती है तो कॉलेज प्रबंधन ऐसे छात्र-छात्राओं की वह फीस समायोजित कर देगा। 2017 बैच के छात्र-छात्राओं का प्रवेश माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार हुआ था। बैच 2017 के लिए छात्र-छात्राओं ने शपथपत्र भरकर यह शपथ ली थी कि जो भी फीस निर्धारित होगी वह छात्र-छात्राओं को स्वीकार्य होगी। उत्तराखंड केबिनेट व शुल्क नियामक समिति ने अनानुदानित प्राईवेट विश्वविद्यालयों को यह अधिकार दिया है कि वे अपनी फीस अपने एक्ट के अनुसार स्वयं तय कर सकते हैं। जब बच्चों ने अनुबंध पत्र भरा था तब वह इस बात से पूर्ण रूप से अवगत थे और सहमत थे कि फीस बढ़ना निश्चित है। मेडिकल स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। हड़ताल व अन्य अनैतिक कार्य छात्र हित में नहीं हैं। अत: आंदोलित छात्र-छात्राओं से अपील की जाती है कि वे तत्काल धरना प्रदर्शन समाप्त कर शैक्षणिक गतिविधियों में सम्मिलित हो जाए। उत्तराखंड के सभी प्राईवेट विश्वविद्यालयों को उनके गठन के दिन सभी कोर्सेज के लिए फीस निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त है। एक राज्य में अलग -अलग विश्वविद्यालयों के लिए फीस निर्धारण के मापदंड अलग-अलग नहीं हो सकते हैं। एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने ऐसा कोई बॉण्ड भी नहीं भरा है कि कोर्स पूरा होने के बाद वे उत्तराखंड में सेवाएं देंगे। एसजीआरआर कॉलेज प्रबंधन आंदोलनरत छात्रों की किसी भी अवैधानिक मांग को स्वीकार नहीं करेगा।
भूपेन्द्र रतूड़ी, वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी
श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ , मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज
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