ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास और नई यूनिटों के प्रोत्साहन के लिए आयोजित एमएसएमई पखवाड़ा मंगलवार को संपन्न हो गया। पखवाड़े के दौरान 2587 उद्यमियों को नई यूनिट लगाने और कारोबार बढ़ाने के लिए विभिन्न बैंकों ने 13474.54 लाख रुपये का लोन वितरण किया। उद्यमियों ने उद्यमिता विकास के लिए सरकारी की पालिसी को लचीला बनाने के सुझाव दिए। प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने सरकार के स्तर पर उद्यमियों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
उत्तराखंड में उद्यमिता को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 16 जनवरी से एमएसएमई पखवाड़ा शुरू हुआ। इसके तहत प्रदेशभर में 100 से अधिक आयोजन हुए, जिनमें उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के अलावा बैंकों की ओर से दी जाने वाली ऋण की जानकारी दी गई। देहरादून में एक होटल में पखवाड़े के समापन समारोह में उद्यमियों ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग हैं। पर्वतीय इलाकों में उद्यमिता एक बड़ी चुनौती है। कच्चे माल की उपलब्धता और मार्केट के लिए उद्यमियों को जूझना पड़ता है। केंद्र और प्रदेश सरकार को अपनी पॉलिसी में संशोधन कर उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
बंद हो चुकी यूनिटों को सुचारु करने के लिए भी उद्यमियों ने सुझाव दिए। प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने क्षेत्र के विकास में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की भागीदारी की सराहना की। वित्त सचिव अमित नेगी ने उद्यमिता विकास के लिए उद्योग निदेशालय और स्टेट होल्डर के बीच समन्वय का आह्वान किया। उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल, आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक शरद कुमार, उप महाप्रबंधक तारिका सिंह ने भी उद्यमिता विकास के लिए संबंधित विभागों और बैंकों के बीच आपसी तालमेल का आह्वान किया।
--
रुद्रपुर और विकासनगर में हुए कार्यक्रम
एमएसएमई पखवाड़े के तहत आरबीआई ने रुद्रपुर और विकासनगर में भी कार्यक्रम आयोजित किए। रुद्रपुर में 22 को आयोजित कार्यक्रम में 200 उद्यमियों ने सहभागिता की। विकासनगर में 25 जनवरी को कार्यक्रम में 220 उद्यमियों ने प्रतिभाग किया।