अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मातृसदन ने धर्मनगरी में अगले हफ्ते शुरू होने जा रही श्रावण मास कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराए। कहा जो संगठन डीजे का समर्थन कर रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का केस दायर किया जाएगा।
मातृसदन में पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण सबसे खतरनाक है। इससे अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, बेचैनी, ह्रदयघात का खतरा, कान का पर्दा फट जाना या सुनने की क्षमता कम होना और ब्लड प्रेशर व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं। कहा कि अगले हफ्ते कांवड़ यात्रा के दौरान वाहनों पर बड़े-बड़े डीजे और भोंपू लगाकर जबरदस्त ध्वनि प्रदूषण होगा। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन है। स्वामी शिवानंद ने कहा कि गंगा में खनन को लेकर जब सीपीसीबी के आदेशों का पालन कराने के लिए मातृसदन में शांतिपूर्ण तपस्या की जाती है, तब प्रशासन भारी दल बल के साथ आश्रम में जबरन घुसकर उनकी हत्या का प्रयास करता है।
वहीं कुछ संगठन कांवड़ में डीजे को खुली छूट देने की मांग कर रहे हैं, ऐसे में प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करता। स्वामी शिवानंद ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान डीजे बजाया जाता है, तो सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का केस दायर कराया जाएगा। स्वामी शिवानंद ने कहा कि रायवाला से भोगपुर तक कुंभ क्षेत्र में खनन पट्टों के संबंध में बकायदा नोटिफिकेशन किया गया है। रायवाला में खनन पट्टों का क्या औचित्य है। इस बारे में शासन से सूचना के अधिकार में जानकारी मांगी जा रही है।
अवमानना के केस में मातृसदन ने रखा पक्ष
हरिद्वार। गंगा में खनन को लेकर हाईकोर्ट के तीन मई के आदेश की अवमानना के मामले में मातृसदन ने फिर हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। दरअसल हाईकोर्ट ने तीन मई को सीपीसीबी के आदेश का सख्ती से पालन कराने के आदेश दिए थे। जिसके तहत गंगा में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित होने के साथ ही पांच किमी के दायरे में क्रशिंग कार्य पर भी रोक लगाई जानी थी। बावजूद इसके सरकार ने 10 दिन बाद ही 13 मई को श्यामपुर और चिड़ियापुर में गंगा में वन विकास निगम का खनन खोल दिया। मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद की ओर से मुख्य सचिव और डीएम हरिद्वार सहित पांच अधिकारियों के खिलाफ अवमानना का केस दाखिल किया गया है। अधिकारियों ने हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब दिया है। जिसके बाद मातृसदन ने प्रति उत्तर के तौर पर अपना पक्ष रखा। स्वामी शिवानंद ने बताया कि हाईकोर्ट को यह बताया गया है कि अवैध खनन अभी भी जारी है और लगातार अवमानना की जा रही है।