कंडीसौड़ (टिहरी)। जल संस्थान की लापरवाही क्षेत्रवासियों पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ दिनों से कंडीसौड़ और आसपास के क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे लोगों को दो किमी दूर स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है।
वर्ष 2013-14 में एक करोड़ 40 लाख की लागत से कोटीगाड़ से आठ किमी लंबी कंडी पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। लोगों को स्वच्छ पानी मिले इसके लिए टैंक पर सात लाख का फिल्टर भी लगाया गया, लेकिन यह फिल्टर शो पीस बनकर रह गया है। जल संस्थान के अधिकारी फिल्टर से पानी की आपूर्ति करने के बजाय सीधे टैंक से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर इसी पेयजल योजना से सार्वजनिक स्टैंड पोस्टों से पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन दूषित पानी होने से तीर्थयात्रियों को खासी दिक्कत हो रही है।
कोट
फिल्टर टैंक में कचरा भरने से यह समस्या आ रही है। टैंक की सफाई की जाएगी। इस दौरान पेयजल आपूर्ति बाधित न हो इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा।
-गिरीश सेमवाल, जेई, जल संस्थान कंडीसौड़