भेल की हरिद्वार इकाई में कार्यरत देहरादून निवासी संजीव शर्मा को कारगिल युद्ध के दौरान लेह के एयरपोर्ट पर बिताए वे दिन आज भी फिल्म की तरह याद हैं। पूरा दृश्य उनकी आंखों के सामने आज भी घूमता रहता है।
संजीव शर्मा ने बताया कि वर्ष 1999 में जब घुसपैठियों ने कारगिल की चोटियों पर कब्जा कर लिया था। तब सैन्य मुख्यालय से सभी यूनिटों में इमरजेंसी कॉल आई। तब वह देहरादून में डील में तैनात थे। ऑर्डर आते ही पूरी टीम लेह पहुंच गई। जहां से सैनिकों को लेकर हवाई जहाज युद्ध स्थल तक पहुंच रहे थे और शहीदों व घायलों को लेकर आने का सिलसिला भी लगातार जारी था।