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Dehradun News: अपहरण कर नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल कारावास

Thu, 06 Jul 2023 03:16 AM IST
देहरादून ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून

सार

दोषी पर 15 हजार  रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ  निकाह कर लिया था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 15 हजार  रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ  निकाह कर लिया था। इससे पीड़िता को एक बेटा भी पैदा हुआ था। सजा सुनाए जाने  के बाद दोषी को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। शासकीय अधिवक्ता अल्पना थापा ने बताया कि सहसपुर क्षेत्र के निवासी एक  व्यक्ति ने 22 नवंबर 2018 को सहसपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

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व्यक्ति का कहना था कि उनकी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। उस दिन भी वह स्कूल गई थी लेकिन वापस घर नहीं आई। पता चला कि उसे सहसपुर निवासी युवक  अपने साथ बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने उस वक्त अपहरण का मुकदमा दर्ज  कर मामले की जांच की। इसके करीब 11 माह बाद आरोपी को लुधियाना, पंजाब से  गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पीड़िता को बरामद किया गया।

उस वक्त पीड़िता का मेडिकल कराया गया तो पता चला कि वह आठ माह की गर्भवती है। पीड़िता के अदालत में बयान कराए गए तो उसने बताया कि उसके पिता उसकी कहीं और शादी करना चाहते थे। लेकिन, वह युवक से प्यार करती थी। वह अपनी  मर्जी से 22 नवंबर 2018 को उसके साथ गई थी। इससे पहले उन्होंने नौ नवंबर को 
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ही निकाह कर लिया था। उसकी जन्मतिथि 20 जून 2001 है। उस वक्त वह नाबालिग  थी। लेकिन, युवक ने बालिग होने के बाद ही उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इससे उसे आठ नवंबर 2019 को एक बेटा हुआ।

इस पर न्यायालय में जब ट्रायल शुरू हुआ तो पीड़िता के पिता भी अपने बयानों से मुकर गए। मगर, अभियोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि नाबालिग रहते ही युवक ने  पीड़िता से दुष्कर्म किया था। अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि जिस वक्त  पीड़िता का अपहरण हुआ उस वक्त वह 17 साल पांच माह की थी। जब पुलिस ने उसे  19 अक्तूबर 2019 को बरामद किया तो उस वक्त उसकी उम्र करीब 18 वर्ष चार माह थी। लेकिन, उस वक्त वह आठ माह की गर्भवती थी। आठ नवंबर 2019 को उसे पुत्र पैदा  हुआ। इस हिसाब से गर्भकाल के पांच माह इससे घटाए जाएं तो जिस वक्त संबंध  बने तब वह नाबालिग ही थी। इस आधार पर स्पेशल जज पॉक्सो अर्चना सागर की  कोर्ट ने उसे 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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