ब्यूरो/अमर उजाला।
देेहरादून। छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी एवं जनजाति विभाग के उप निदेशक अनुराग शंखधर बुधवार को 25 दिन बाद नाटकीय ढंग से अपने कार्यालय में उपस्थित हुए। जबकि इससे पहले उन्हें उपस्थित होने के लिए तीन नोटिस भेजे गए थे। लेकिन, वह कार्यालय नहीं पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने उनकी तलाश के लिए समाचारपत्रों में भी विज्ञप्ति जारी करने की बात कही है। बृहस्पतिवार को शंखधर एसआईटी के सामने पेश होंगे।
हरिद्वार जिले के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी पूर्व समाज कल्याण अधिकारी एवं जनजाति विभाग के उप निदेशक 20 अप्रैल तक छुट्टी पर थे। लेकिन, वह छुट्टी समाप्त होने के बाद भी कार्यालय नहीं लौटे। इस पर विभाग ने उन्हें तीन नोटिस जारी किए। इनमें से दो नोटिस वापस आए। जबकि, तीसरा नोटिस उनके गृह जनपद बंदायूं भेजा गया था। नोटिस के जवाब में शंखधर ने विभाग से छुट्टी बढ़ाने की मांग की। लेकिन, विभाग ने उसे खारिज किया और तत्काल प्रभाव से विभाग में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। साथ ही चेतावनी भी दी यदि वह उपस्थित नहीं हुए तो उनके खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके शंखधर उपस्थित नहीं हुए। इस पर जनजाति कल्याण विभाग के निदेशक बीआर टम्टा ने शंखधर को भेजे गए सभी नोटिस की एक फाइल बनाकर कार्रवाई के लिए शासन को सौंपी। बुधवार को शंखधर जनजाति विभाग में उपस्थित हुए। दरअसल, करीब दो माह पहले पूर्व समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने शासन को प्रार्थनापत्र भेजकर अपने मूल कैडर जनजाति विभाग में भेजने भी सिफारिश की थी।
हाईकोर्ट के आदेश पर शंखधर के पास शुक्रवार तक का समय
देहरादून। छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी जनजाति आयोग के उपनिदेशक और पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ड्यूटी पर लौटने के बाद बृहस्पतिवार को एसआईटी के सामने पेश हो सकते है। हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के लिए इनके पास शुक्रवार तक का समय है।
अनुराग शंखधर पहले दिन से एसआईटी जांच का सामना करने से बचते रहे। जबकि तीन सहायक जिला समाज कल्याण अधिकारियाें ने जांच में पूरा सहयोग किया। एसआईटी के तीन नोटिसों के बाद शंखधर ड्यूटी से गायब होकर गिरफ्तारी पर स्टे लेने हाईकोर्ट पहुंच गए थे। हाईकोर्ट ने राहत देने से मना करते हुए शनिवार को अनुराग शंखधर को एक सप्ताह में एसआईटी के सामने पेश होने के आदेश दिए थे। बुधवार को शंखधर कार्यालय में उपस्थित हुए। सूत्रों का कहना है कि शंखधर बृहस्पतिवार को एसआईटी के सामने पेश हो सकते है। एसआईटी ने इनसे पूछताछ की तैयारी पूरी कर ली है। शंखधर के खिलाफ मुकदमे की विवेचना को एसआईटी को विभागीय स्वीकृति मंगलवार को मिल चुकी है।