शिक्षक पुनरीक्षण ड्यूटी में लगे, स्कूलों में पढ़ाई ठप
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई एक बार फिर ठप होने वाली है। बड़े पैमाने पर शिक्षकों की ड्यूटी पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में संगणकों के रूप में लगाई गई है। करीब एक माह तक शिक्षक विद्यालयों से बाहर रहेंगे। इसके चलते सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
एक से 15 अप्रैल तक शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में अभियान चलाकर अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से सरकारी विद्यालयों में प्रवेश करने का आह्वान किया। 16 अप्रैल को प्रवेशोत्सव के दौरान करीब सवा लाख छात्र-छात्राओं के प्रवेश का दावा किया गया लेकिन इन करीब सवा लाख बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का विभाग का दावा कुछ दिन में ही हवा होने लगा है।
अब विभाग के करीब 60 फीसदी शिक्षक एक माह तक स्कूलों में नहीं रहेंगे। 23 अप्रैल से 16 मई तक शिक्षकों की ड्यूटी पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में संगणकों के रूप में लगाई गई है। इससे हजारों छात्र-छात्राओं को बिना शिक्षक के ही पढ़ाई करनी होगी।
प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस संबंध में निदेशक विद्यालयी शिक्षा को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया है। शिक्षक संघों ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगने से स्कूल में पढ़ाई पहले ही प्रभावित हो चुकी है, अब एक महीने तक और शिक्षण कार्य नहीं हो सकेगा। प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद थापा, मंत्री राजेंद्र बहुगुणा व कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल और राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को संबद्ध करने का विरोध किया है। उन्होंने सभी शिक्षकों की ड्यूटी निरस्त करने की मांग की है।