नई टिहरी। जाखणीधार ब्लाक के अंतर्गत जूनियर हाईस्कूल गेंवली का भवन नौ वर्ष में भी नहीं बन पाया है, जबकि भवन निर्माण के लिए मिली साढ़े नौ लाख रुपये की धनराशि खर्च कर ली गई है। भवन नहीं बनने से जूनियर हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं प्राथमिक विद्यालय के एक कक्ष में पढ़ने को मजबूर हैं। स्थानीय विधायक ने जिला शिक्षा अधिकारी को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत जूनियर हाईस्कूल गेंवली देवल के भवन निर्माण को 2009 में नौ लाख 50 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। विद्यालय भवन का निर्माण ग्राम शिक्षा समिति के माध्यम से ही किया जाना था, लिहाजा शिक्षा विभाग ने धनराशि ग्राम शिक्षा समिति के खाते में हस्तांतरित कर दी थी। तब शिक्षा समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान थे, लेकिन भूमि विवाद के चलते स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। शिक्षा विभाग की ओर से न तो खाते में डाली गई धनराशि वापस मंगवाई गई और न ही भवन निर्माण शुरू कराने के प्रयास किए गए, जिसके चलते तत्कालीन शिक्षा समिति ने भवन निर्माण को मिली धनराशि को खाते से निकाल दिया। वर्तमान में शिक्षा समिति के खाते में भवन निर्माण के लिए कोई भी धनराशि शेष नहीं है। भवन नहीं बनने से अध्ययनरत 29 छात्र-छात्राएं लंबे समय से प्राथमिक स्कूल के अतिरिक्त कक्ष में पढ़ने को मजबूर हैं।
गेंवली जूनियर हाईस्कूल के भवन निर्माण को दी गई साढ़े नौ लाख की धनराशि शिक्षा समिति ने वापस नहीं किया है। वर्तमान प्रधान का कहना है कि पूर्व प्रधान ने खाते से धनराशि निकाली है, जिसकी जांच की जा रही है।
-धनवीर बिष्ट, उप शिक्षा अधिकारी जाखणीधार।
शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण जूनियर हाईस्कूल के बच्चे अतिरिक्त कक्ष में पढ़ने को मजबूर हैं। भवन निर्माण को दी गई धनराशि को निकालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसकी जांच डीईओ बेसिक को दी गई है।
-धन सिंह नेगी, विधायक टिहरी।