ब्यूरो/अमर उजाला/ देहरादून।
पहाड़ों की रानी मसूरी में पेयजल संकट से निपटने के लिए पेयजल निगम की ओर से 187 करोड़ रुपये की डीपीआर (विस्तृत वित्तीय बजट) तैयार कर शासन को भेजा गया है। योजना के संबंध में निगम की ओर से साल 2019-20 के बजट सत्र में सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस योजना को हरी झंडी मिलने पर मसूरी की 75 हजार जनता लाभान्वित होगी।
गर्मियों के दिनों में अक्सर मसूरी में पेयजल का संकट गहरा जाता है। इसके लिए पेयजल निगम की ओर से 187 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर सरकार को भेजी गई है। इसके तहत यमुना नदी और खीरा गाड़ गदेरे पर दो पंपिंग योजना लगाई जानी है। इससे नदियों के पानी को पाइल लाइन के जरिए टेकों तक पहुंचाया जाएगा। पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक भजन सिंह ने बताया कि योजना के तहत यमुना नदी और खीरा गाड़ गदेरे में दो पंपिंग योजना लगाई जाएंगी। इसके जरिए पाइप लाइन के जरिए नदी के पानी को शहर तक पहुंचाया जाएगा। यदि सरकार की ओर से योजना को हरी झंडी दे दी जाती है तो शहर की 75 हजार जनता लाभान्वित होगी।
वर्तमान में यह है स्थिति
मसूरी में सबसे पहले 1908 में लगभग 20 स्रोतों को लेकर पाइप पेयजल योजना का निर्माण हुआ था। वर्तमान में 12 गदेरों और स्प्रिंग से लगभग 7.69 एमएलडी पेयजल उपलब्ध हो रहा है। कुल 28 छोटे बड़े जलाशय हैं, जिनकी कुल क्षमता 29 हजार किलोलीटर है, लेकिन शहर और पर्यटकों की संख्या में दिनों दिन बढ़ने से पेयजल संकट अक्सर बना रहता है।