ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
संसार में भगवान शंकर और मां पार्वती की तरह करुणावान कोई नहीं है। जिनके नाम के जप मात्र से ही कई दुख मिनटों में हर लिए जाते हों, उनकी महिमा अपरमपार है। कुछ इस तरह बालावाला स्थित वेडिंग प्वाइंट में चल रही शिव महापुराण कथा के आखिरी दिन शुक्रवार को आचार्य डॉ. संतोष खंडूरी ने शिव-पार्वती के विवाह का वर्णन किया। कथा के समापन पर भक्तों ने भगवान शिव के नाम का जाप कर अमन और शांति का संकल्प लिया।
आचार्य डॉ. संतोष खंडूरी ने कहा कि भगवान गणेश और कार्तिकेय जैसे पराक्रमी देवों ने दानवी शक्तियों का मिनटों में नाश किया। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में शिव-पार्वती के पूजन का बहुत महत्व होता है। समापन अवसर पर कथा के आयोजक बदरी-केदार सहयोग समिति के मीडिया प्रभारी संजय सिंह चौहान, संयोजक राजपाल सिंह रावत, सह संयोजक दिग्विजय सिंह कंडारी, अशोकराज पंवार, हेमा पुरोहित, जितेंद्र नेगी, सुभाष बर्थवाल, गिरीश जोशी, आनंद प्रकाश धस्माना, डॉ. बबीता, हेमेंद्री पंवार, सुनीता रावत, कपिल खंडूरी आदि मौजूद थे।