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सेटेलाइट मैपिंग से होगी पुराने अतिक्रमण की पहचान

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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राज्य गठन के बाद हुए अतिक्रमण काचिह्निकरण सेटेलाइट मैपिंग से किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने पुराने सभी अतिक्रमणों को चिह्नित करने के लिए सेटेलाइट का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम लोगों से भी पूर्व में किए अतिक्रमण के मामलों की शिकायत के प्रपत्र उपलब्ध कराने की अपील की है।
वहीं अतिक्रमण हटाने वाली टीम ने बृहस्पतिवार को चकराता रोड पर प्रेमनगर तक अभियान चलाया। इस दौरान रांगडवाला में कुछ लोगों ने अतिरिक्त समय दिए जाने की मांग करते हुए अभियान को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वह अगले दो दिन में खुद ही अतिक्रमण हटा लेंगे। हालांकि अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और मौके पर ही अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया। बल्लूपुर और प्रेमनगर क्षेत्र में भी अतिक्रमण ध्वस्त किए गए। रांगड़वाला क्षेत्र में दो सब्जी व्यापारियों सुल्तान और अफजल के अतिक्रमण ध्वस्त किए गए। इसके बाद टीम आगे बढ़ गई। कुछ देर में टीम लौटी तो देखा दोनों व्यापारियों ने फिर अतिक्रमण कर लिया है। इस पर प्रशासन ने दोनों को पकड़ लिया और कैंट थाने ले गई। हालांकि पुलिस ने दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत देकर दोनों को छोड़ दिया। दूसरी ओर अभियान के विरोध में प्रेमनगर में ज्यादातर दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी।ं बृहस्पतिवार को 1341 कार्मिकों ने 184 अतिक्रमण ध्वस्त किए गए। वहीं, 3689 कार्मिकों की अलग-अलग टीमों ने 277 अतिक्रमण चिन्हित किए। बाद में आईआरडीटी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक लेते हुए अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सीमांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। बैठक में गढ़वाल आयुक्त शैलेश बगोली, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती, एमएनए विजय कुमार जोगदंडे, सचिव एमडीडीए प्रकाश चंद्र दुम्का, अनु सचिव दिनेश कुमार पुनेठा समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।
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पुरानी शिकायतों पर करेंगे कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने टास्क फोर्स के प्रभारी एमडीडीए उपाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव को पब्लिक नोटिस का प्रकाशन करने के निर्देश दिए। इसके जरिये उन्होंने अवैध अतिक्रमणों के संबंध में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोटिस के जरिये आम लोगों से पुराने अतिक्रमण की शिकायतों की जानकारी देने की अपील की जाए। उन्होंने निगम, एमडीडीए या जिला प्रशासन को ऐसी शिकायतें उपलब्ध कराई जा सकती हैं, जिन पर टास्क फोर्स कार्रवाई करेगी। वहीं सार्वजनिक मार्गों से हटकर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ निगम के सक्षम प्राधिकारी को तीन सप्ताह में संबंधित अतिक्रमणकारी को नोटिस जारी करने की बात कही है। इस पर अधिकतम तीन सप्ताह में जवाब देना अनिवार्य होगा। इसके बाद अधिकतम चार सप्ताह में सक्षम प्राधिकारी को न्यायोचित निर्णय लेना होगा। तब तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखनी होगी।
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