ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विपरीत परिस्थिति में भी नर्सें दूसरों के दुखों को दूर करने के प्रयास में जुटी रहती हैं जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है। अपने दायित्वों के प्रति नर्सों का समर्पण सराहनीय है। ये बातें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अंतरराष्ट्रीय नर्सेज-डे के मौके पर शनिवार को गांधी रोड स्थित एक होटल में आयोजित नर्सेज एसोसिएशन के कार्यक्रम में कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसान को समाज में रहकर ऐसा काम करना चाहिए जो मर्यादित होने के साथ ही दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बने। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों के इलाज में नर्सों का योगदान बेहद अहम होता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट सेवा करने वाली छह नर्सों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने हमेशा काम का हिस्सा बनने और एक-दूसरे का सम्मान करने की सीख भी दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने लेडी आफ द लैंप के रूप में दुनिया में मिसाल बन चुकी फ्लोरेंस नाइटेंगल को श्रद्धांजलि दी और उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि नर्सें अस्पताल की रीढ़ होती हैं। नर्सों के बगैर मरीजों के स्वस्थ्य होने की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. श्रीवास्तव ने पीएम मोदी के आयुष्मान और दूसरी स्वास्थ्य योजनाओं की जिम्मेदारी भी नर्सो को दिए जाने की बात कही। उत्तराखंड नर्सेज सर्विस एसोसिएशन की अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला ने अतिथियों के स्वागत के बाद नर्सों को मानव सेवा का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सलाहकार नवीन बलूनी, दून महिला अस्पताल की सीएमएस मीनाक्षी जोशी, डॉ. केसी पंत, दून अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसडी जोशी, एनएस खत्री, एसोसिएशन की महामंत्री कांति राणा, मंजू चौहान, रेखा बिष्ट आदि मौजूद रहे।
रंजना वालिया को फ्लोरेंस नाइटेंगिल सम्मान
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव के अनुसार नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में रंजना वालिया को फ्लोरेंस नाइटेंगल सम्मान से नवाजा गया है। जो राज्य के लोगों के लिए गौरव की बात है। इसके अलावा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नर्सिंग अधीक्षक पार्वती राई, देवी क्षेत्री, दलवीर, सिस्टर विनय कुकरेती, लक्ष्मी पुनेठा, चंद्रा श्रीदेवी को सम्मानित किया।