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डीएम ने सीज किया लूसेंट स्कूल का बैंक खाता

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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प्रवेश के समय जमा कराई गई मोटी रकम प्रशासन के आदेश के बाद भी न लौटाने पर प्रदेश में अपने ढंग की पहली कार्रवाई में जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने मांडूवाला स्थित लूसेंट इंटरनेशनल स्कूल का बैंक खाता सीज करवा दिया । मुख्य शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर बुधवार को यह कार्रवाई की गई। साथ ही जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम विकासनगर ने स्कूल के जमीन को बेचने पर भी रोक लगा दी है।
कुछ अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय से शिकायत की थी कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के प्रवेश के समय पांच-छह लाख रुपये इन शर्तों के साथ जमा कराए थे कि जब बच्चे 10वीं पास कर लेंगे तो धनराशि लौटा दी जाएगी। आरोप है कि बच्चों के 10वीं पास होने के बाद अभिभावकों ने धनराशि लौटाने की बात कही तो स्कूल प्रबंधन ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद मामले में शिक्षा मंत्री ने मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी की अगुवाई में टीम गठित कर आरोपों की जांच के निर्देश दिए। मंगलवार को टीम ने स्कूल में औचक निरीक्षण किया तो सामने आया कि वर्ष 2016 में छह और 2017 में 25 बच्चों ने 10वीं की परीक्षा स्कूल से पास की, लेकिन उनमें से महज तीन छात्रों के अभिभावकों को धनराशि लौटाई गई। टीम ने आवासीय व्यवस्था के साथ ही पठन-पाठन भी ठीक नहीं पाया था। जांच के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
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इसके आधार पर बुधवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्कूल के पंजाब नेशनल बैंक में संचालित खाते को सीज कर दिया गया। जिलाधिकारी का कहना है कि यदि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को धनराशि लौटा देता है, तो बैंक खाते को दोबारा संचालित करने की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने स्कूल संचालक भूपेश कुमार को निर्देशित किया है कि वह बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी विकासनगर को अपना बयान दर्ज कराएं। वहीं, विकासनगर के उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने स्कूल से जुड़ी जमीनों की किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और उप निबंधक को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि स्कूल से जुड़ी जमीनों की बिक्री न होने पाए। इस पूरे मामले में लूसेंट इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन भूपेश कुमार का पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्हें एसएमएस भी किया गया। जब उनका पक्ष आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।
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